3 घंटे पहले
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सिंगर बीबर फीफा वर्ल्डकप की फाइनल सेरेमनी में परफॉर्मेंस को लेकर चर्चा में हैं। हर बार वो जब किसी बुरे दौर में फंसते हैं तो और मजबूत होकर निकलते हैं, आखिर कैसे? उन्हीं की जुबानी… अगर आज आप खुद को कमजोर महसूस कर रहे हैं, अगर आपको लगता है कि आपकी पुरानी गलतियां आपकी सबसे बड़ी पहचान बन चुकी हैं, आपको यकीन नहीं रहा कि कुछ अच्छा कर सकते हैं, तो मेरी बात ध्यान से सुनिए। मैंने भी जिंदगी में कई गलतियां की हैं। ऐसे फैसले लिए, जिन पर मुझे शर्मिंदगी होती है। लेकिन एक बात समझ ली है, अगर मैं अपनी पुरानी गलतियों को ही अपनी किस्मत बना लूं, तो आगे बढ़ने का कोई मतलब नहीं बचेगा। मैं नहीं चाहता कि मेरा बीता हुआ कल यह तय करे कि आज मैं लोगों के लिए क्या कर सकता हूं। बहुत लोग अपनी नाकामियों का बोझ पूरी जिंदगी ढोते रहते हैं। उन्हें लगता है कि अब वे किसी काम के नहीं रहे। लेकिन मैं खुद से यही कहता हूं, ‘हां, मैंने नादानियां की हैं। इससे इनकार नहीं है। लेकिन आज भी किसी की मदद कर सकता हूं। आज भी काबिल हूं। मेरी कीमत मेरी गलतियां तय नहीं करतीं’। आपकी जिंदगी की सबसे बड़ी हार आपकी गलतियां नहीं होतीं। सबसे बड़ी हार तब होती है, जब आप खुद पर यकीन करना छोड़ देते हैं। मैंने बचपन में एक सपना देखा था, दुनिया का सबसे बड़ा सुपरस्टार बनने का। वह सपना पूरा हुआ। लेकिन किसी ने मुझे यह नहीं बताया था कि उस सपने की कीमत क्या होगी। जब मैं बहुत छोटा था, तभी काम का इतना दबाव था कि मैं अंदर से टूटने लगा था। मुझे अपने दोस्त याद आते थे। मुझे आम बच्चे की तरह जीना था। एक बार तो मैंने अपना पासपोर्ट ही छिपा दिया, सिर्फ इसलिए कि कुछ दिन सामान्य जिंदगी जी सकूं। मैं भागना चाहता था, लेकिन आखिरकार उसी दौड़ में लौटना पड़ा। उस दिन समझा कि कभी-कभी हमारी सबसे बड़ी कामयाबी भी हमें सबसे ज्यादा थका देती है। अगर आप किसी मंजिल के पीछे भाग रहे हैं, तो एक बात याद रखें… सिर्फ मंजिल नहीं, अपना सुकून भी बचाकर रखें। एक वक्त ऐसा भी आया, जब मुझे सच में लगा कि शायद मैं जिंदा भी न बच पाऊं। मेरी जिंदगी में अंधेरा था, डर था, बेचैनी थी, खालीपन था। बाहर से सब शानदार दिखता था, लेकिन अंदर सब बिखरा हुआ था। उसी दौर में मैंने कुछ ऐसे लोगों को देखा, जिनकी जिंदगी में सुकून था। उनके रिश्तों में अपनापन था, उनके घर में मोहब्बत थी और उनके दिल में खुद पर भरोसा था। तब खुद से कहा, ‘मुझे भी ऐसी ही जिंदगी चाहिए’। मैंने सीखा कि हमें हर वक्त लोगों की तारीफ या मंजूरी के पीछे नहीं भागना चाहिए। दुनिया आपको कभी खुश नहीं कर सकती। जब आप हर किसी को खुश करने निकलते हैं, तब सबसे पहले खुद को खो देते हैं। जब जिंदगी मुश्किल लगे, तो भागिए मत। उसी मुश्किल की तरफ कदम बढ़ाइए।
शुक्र अदा करना सीखें, यही सबसे जरूरी है जिंदगी में दर्द भी है, बिछड़ना भी है, ऐसे सवाल भी हैं जिनका कोई जवाब नहीं मिलता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमारी जिंदगी में नेमतें नहीं हैं। हम बहुत खुशनसीब हैं, इसलिए कि हमने हर मुश्किल के बीच भी शुक्र अदा करना सीख लिया है। (विभिन्न इंटरव्यूज में)

