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सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को वाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा कि वैवाहिक बलात्कार को अलग अपराध बनाना संसद और कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र का विषय है, सुप्रीम कोर्ट का नहीं। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना बेंच ने मामले की अंतिम सुनवाई 3 हफ्ते बाद शुरू करने का निर्देश दिया है। बेंच में भी शामिल हैं। कोर्ट ने बुधवार और गुरुवार को इस मामले की सुनवाई के लिए तय किया है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है।
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सरकार बोली- वैवाहिक बलात्कार को अपराध बनाना संसद का काम:सुप्रीम कोर्ट का नहीं; मामले में 3 हफ्ते बाद अंतिम सुनवाई
