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इंजीनियरिंग विभाग में जेई के 10 पद भरने की तैयारी:पेंडिंग कामों में आएगी तेजी,खाली पदों के कारण अटके काम निपटाने में मिलेगी मदद




चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग में लंबे समय से खाली पड़े जूनियर इंजीनियर (JE) के 10 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभाग ने इन पदों को डेपुटेशन के आधार पर भरने के लिए वैकेंसी सर्कुलर जारी किया है। इनमें जेई (सिविल) के 5 और जेई (पब्लिक हेल्थ) के 5 पद शामिल हैं। पदों के भरने से विभाग में चल रहे और पेंडिंग विकास कार्यों की निगरानी में तेजी आने की उम्मीद है। इन पदों पर नियुक्ति सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत लेवल-6 में होगी। इसके तहत वेतनमान 35,400 से 1,12,400 रुपए रहेगा। विभाग के अनुसार नियुक्ति शुरुआती तौर पर एक साल के लिए होगी। जरूरत के अनुसार डेपुटेशन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। खाली पदों के कारण काम पर पड़ रहा असर इंजीनियरिंग विभाग में जेई की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। सड़कों, सरकारी भवनों, पानी और सीवरेज से जुड़े कामों की साइट पर निगरानी से लेकर निर्माण कार्य की जांच तक की जिम्मेदारी जेई स्तर के अधिकारियों के पास रहती है। ऐसे में पद खाली होने से विभागीय कामों की निगरानी और अलग-अलग प्रोजेक्ट की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अब 10 जेई की नियुक्ति होने के बाद पेंडिंग फाइलों, निर्माण कार्यों की जांच और साइट से जुड़े मामलों को तेजी से निपटाने में मदद मिलेगी। इससे लोगों से जुड़े इंजीनियरिंग और पब्लिक हेल्थ के काम भी जल्द पूरे होने की उम्मीद है। सिविल और पब्लिक हेल्थ दोनों विंग को मिलेंगे जेई विभाग ने जेई के 10 पदों को दो हिस्सों में रखा है। 5 पद सिविल और 5 पद पब्लिक हेल्थ विंग के लिए हैं। सिविल जेई के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या डिग्री जरूरी है। केंद्र या राज्य सरकार, पीएसयू, अर्ध-सरकारी, स्वायत्त या वैधानिक संस्थाओं में समान पद पर नियमित कर्मचारी डेपुटेशन के लिए पात्र होंगे। 8 अक्टूबर तक भेजना होगा आवेदन इच्छुक कर्मचारियों को अपने संबंधित विभाग के माध्यम से आवेदन भेजना होगा। आवेदन 30 दिन के भीतर और अधिकतम 8 अक्टूबर तक भेजे जा सकेंगे। इसके साथ पिछले पांच वर्षों की प्रमाणित एसीआर/एपीएआर की प्रतियां भी जमा करनी होंगी। अधूरे आवेदन या जरूरी दस्तावेज और शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र के बिना भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। डेपुटेशन पर आवेदन करने वाले कर्मचारी बाद में अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ले सकेंगे। तीन साल तक बढ़ सकती है नियुक्ति नियुक्ति पहले एक साल के लिए होगी। विभाग की जरूरत के अनुसार इसे आगे बढ़ाया जा सकेगा। संबंधित कर्मचारी की सेवाएं जरूरी रहने की स्थिति में डेपुटेशन की अवधि अधिकतम पांच साल तक हो सकती है



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