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मोगा की जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरमैन सुश्री नीलम अरोड़ा ने बताया है कि राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, नई दिल्ली और पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथॉरिटी के निर्देशों पर 12 सितंबर 2026 को मोगा जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह लोक अदालत मोगा के साथ-साथ बाघापुराना और निहाल सिंह वाला सब-डिवीजनों में भी लगेगी। इसका मकसद अदालतों में अटके और मुकदमे से पहले के ऐसे मामलों को आपसी सहमति से निपटाना है, जिनमें समझौता हो सकता है। कई तरह के केसों का होगा निपटारा लोक अदालत में कई तरह के मामले रखे जा सकते हैं। इनमें दीवानी मामले, घरेलू विवाद, मोटर वाहन सड़क दुर्घटनाओं के मुआवजे से जुड़े मामले, जमीन-जायदाद के झगड़े, बिजली चोरी, चेक बाउंसिंग, ट्रैफिक चालान, रिकवरी सूट और श्रम से जुड़े मामले शामिल हैं। सुश्री अरोड़ा ने यह भी बताया कि लोक अदालत से आम लोगों को राहत मिलती है। इससे उनके समय और पैसे की भी बचत होती है। साथ ही, दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी खत्म होती है और आपसी भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में फैसला होने पर मामले में जमा की गई पूरी कोर्ट फीस वापस मिल जाती है। लोक अदालत का फैसला सिविल कोर्ट के आदेश जैसा ही माना जाता है और इसके खिलाफ कोई अपील नहीं हो सकती। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने मामलों को लोक अदालत में निपटाकर ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाएं।
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मोगा में राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को:जिला जज बोलीं- आपसी सहमति से निपटाए जाएंगे मामले; समय और पैसे की होगी बचत
