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DCRUST Murthal Chemical Block Building Collapse


सोनीपत8 मिनट पहले

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DCRUST, मुरथल के केमिकल ब्लॉक में जर्जर हो चुकी बिल्डिंग की एक मंजिल के लेंटर का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। - Dainik Bhaskar

DCRUST, मुरथल के केमिकल ब्लॉक में जर्जर हो चुकी बिल्डिंग की एक मंजिल के लेंटर का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया।

दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DCRUST), मुरथल के केमिकल ब्लॉक में गुरुवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जर्जर हो चुकी बिल्डिंग की एक मंजिल के लेंटर का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि जिस समय लेंटर का हिस्सा गिरा, उस समय उसके नीचे कोई छात्र मौजूद नहीं था, वरना बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।

कर्मचारी यूनियन ने इस घटना को विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताते हुए उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। यूनियन का आरोप है कि इसी बिल्डिंग में मई 2026 में भी ऊपर की मंजिल की दीवार का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर चुका था।

उस समय भी विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित तौर पर घटना की जानकारी देकर बिल्डिंग की मरम्मत कराने की मांग की गई थी। इसके बावजूद करीब चार महीने बीतने के बाद भी बिल्डिंग की मरम्मत नहीं कराई गई और अब उसी जर्जर भवन का लेंटर गिर गया। यूनियन ने चेतावनी दी है कि समय रहते जर्जर बिल्डिंगों की मरम्मत नहीं कराई गई तो छात्र हित में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

लेंटर गिरने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के दौरान नीचे छात्रों की मौजूदगी नहीं होने के कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

लेंटर गिरने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के दौरान नीचे छात्रों की मौजूदगी नहीं होने के कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

लेंटर का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिरा

गुरुवार 10 सितंबर को केमिकल ब्लॉक की एक मंजिल के लेंटर का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। लेंटर गिरने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के दौरान नीचे छात्रों की मौजूदगी नहीं होने के कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, बिल्डिंग की हालत को देखते हुए कर्मचारी यूनियन ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताया है।

मई में भी गिर चुकी थी दीवार

कर्मचारी यूनियन के अनुसार, मई 2026 में इसी केमिकल ब्लॉक की ऊपर वाली मंजिल की दीवार का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया था। उस समय भी कोई छात्र या कर्मचारी इसकी चपेट में नहीं आया था। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित जानकारी दी गई थी और जर्जर बिल्डिंग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की गई थी।

चार महीने में मरम्मत नहीं, अब गिरा लेंटर

यूनियन का कहना है कि मई की घटना के बाद सितंबर तक करीब चार महीने का समय बीत गया, लेकिन बिल्डिंग की मरम्मत को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। अब उसी बिल्डिंग का लेंटर गिरने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। यूनियन ने आरोप लगाया कि यदि मई में मिली शिकायत के बाद समय रहते बिल्डिंग की स्थिति की जांच और मरम्मत कराई जाती तो आज की घटना को टाला जा सकता था।

प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

कर्मचारी यूनियन प्रधान सुरेश कुमार ने कहा कि केमिकल ब्लॉक की घटना विश्वविद्यालय प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन जर्जर बिल्डिंग की शिकायत मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। यूनियन ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रशासन से जवाब मांगा है।

यूनियन का कहना है कि मई की घटना के बाद सितंबर तक करीब चार महीने का समय बीत गया, लेकिन बिल्डिंग की मरम्मत को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई।

यूनियन का कहना है कि मई की घटना के बाद सितंबर तक करीब चार महीने का समय बीत गया, लेकिन बिल्डिंग की मरम्मत को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई।

जर्जर सभी बिल्डिंगों की जांच और मरम्मत की मांग

सुरेश कुमार ने मांग की कि विश्वविद्यालय परिसर की सभी जर्जर बिल्डिंगों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। जहां भी बिल्डिंग की स्थिति खराब है, वहां मरम्मत या आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। साथ ही केमिकल ब्लॉक में लेंटर गिरने की घटना की उच्च स्तरीय जांच कराकर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

VC को एक्सटेंशन मिलने के जश्न पर भी उठाए सवाल

कर्मचारी यूनियन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर तंज कसते हुए कुलपति को एक्सटेंशन मिलने के बाद परिसर में जश्न मनाने का भी आरोप लगाया। यूनियन का कहना है कि प्रशासन का ध्यान विश्वविद्यालय की जर्जर बिल्डिंग और छात्रों की सुरक्षा के बजाय अन्य गतिविधियों पर है। हालांकि, एक्सटेंशन और जश्न से जुड़े यूनियन के आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।

बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी

कर्मचारी यूनियन प्रधान सुरेश कुमार ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय रहते जर्जर बिल्डिंगों की मरम्मत नहीं कराई और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो यूनियन छात्र हित में बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में जर्जर भवनों के कारण कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

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