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यमुनानगर हरभजन हत्याकांड में दो बदमाश मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार:दोनों तरफ से 20 राउंड फायर, कुरुक्षेत्र के बदमाशों के पैरों में लगी गोली




यमुनानगर के मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर ट्रांसपोर्टर एवं फाइनेंसर 62 वर्षीय हरभजन सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। वीरवार शाम पाबनी रोड पर गांव महलावाली के पास पुलिस और आरोपितों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों तरफ से करीब 20 राउंड फायरिंग होने की बात सामने आई है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपितों के पैरों में गोली लगी। इसके बाद उन्हें काबू कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कुरुक्षेत्र की कंग कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय राकेश कुमार और हरियापुर निवासी 18 वर्षीय आर्यन के रूप में हुई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने इस मामले में कुरुक्षेत्र के डेरा अमीन निवासी विशाल और एक अन्य युवक को भी हिरासत में लिया है। अब पुलिस सभी से पूछताछ कर हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों और मुख्य शूटरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। सूचना के बाद पाबनी रोड पर लगाया नाका पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीआईए की टीमों को वीरवार शाम सूचना मिली थी कि हरभजन सिंह हत्याकांड में संदिग्ध भूमिका निभाने वाले राकेश और आर्यन बाइक से पाबनी रोड की तरफ आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमों ने गांव महलावाली के नजदीक सड़क पर घेराबंदी कर दी। कुछ समय बाद दोनों आरोपित बाइक पर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस के अनुसार दोनों ने टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपितों के पैरों में गोलियां लगीं। घायल होने के बाद दोनों को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। शूटरों के लिए होटल में कमरा दिलाने का आरोप प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को राकेश और आर्यन की भूमिका हत्या की साजिश में सहयोग करने वाले लोगों के तौर पर सामने आई है। पुलिस का कहना है कि दोनों ने हरभजन सिंह की हत्या करने वाले शूटरों को कुरुक्षेत्र के एक होटल में ठहराने के लिए कमरा दिलाने में मदद की थी। शूटरों तक हथियार पहुंचाने के साथ वारदात को अंजाम देने के लिए जरूरी दूसरी मदद भी इन दोनों की ओर से किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस का दावा है कि दोनों को हत्या की योजना की जानकारी थी और वे वारदात से पहले तथा बाद में साजिश से जुड़े लोगों के संपर्क में थे। हत्या से पहले कार में लगाई गई थी जीपीएस चिप जांच में पुलिस के हाथ हत्याकांड की साजिश से जुड़ी एक अहम कड़ी भी लगी है। पुलिस के मुताबिक, हरभजन सिंह की हत्या से पहले उनकी कार में जीपीएस चिप लगाई गई थी। इसके जरिए उनकी कार की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस के अनुसार कार में जीपीएस लगाने में डेरा अमीन निवासी विशाल और उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक की भूमिका सामने आई है। दोनों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जीपीएस डिवाइस कहां से लाई गई, कार में इसे कब और कहां लगाया गया तथा इससे मिलने वाली लोकेशन किस तरह शूटरों तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस को आशंका है कि हरभजन सिंह की नियमित गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। उनकी लोकेशन मिलने के बाद ही शूटरों ने मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। मुख्य शूटर अभी पुलिस की पकड़ से बाहर दो आरोपितों की गिरफ्तारी और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस का अगला फोकस मुख्य शूटरों तक पहुंचने पर है। पूछताछ में पुलिस शूटरों के नाम, उनके ठिकाने, हथियारों की व्यवस्था और वारदात के बाद उनके फरार होने के रास्ते के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस होटल में ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर सामने आने वाले नए नामों की भी भूमिका की जांच की जाएगी।



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