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बेगूसराय में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर 9 सेंटीमीटर घटा है। शनिवार दोपहर 3 बजे गंगा का जलस्तर 42.95 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 41.76 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 43.52 मीटर है। जिले के 8 प्रखंडों की 37 पंचायतों और 2 नगर क्षेत्रों के 189 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 95,245 परिवारों के 3,80,980 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। शनिवार शाम समाहरणालय स्थित कारगिल भवन में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में डीएम रिची पांडेय ने बाढ़ की वर्तमान स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी दी। 269 नावों से राहत और बचाव कार्य डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए 269 नावें संचालित की जा रही हैं। इनमें 23 सरकारी और 246 निजी नाव शामिल हैं। त्वरित बचाव और सहायता के लिए SDRF और NDRF की टीमें भी तैनात हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। 183 सामुदायिक रसोई में भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 183 सामुदायिक रसोई केंद्र चल रहे हैं। इनके माध्यम से अब तक 8,98,686 लोगों को खाना उपलब्ध कराया जा चुका है। प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 250 ड्राई राशन पैकेट और 34,651 पॉलिथीन शीट वितरित की गई हैं। प्रशासन के पास फिलहाल 41,880 पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता दी जा सके। 71 मेडिकल कैंप, 4 बोट एम्बुलेंस बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 71 मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं। लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए 4 बोट एम्बुलेंस भी चल रही हैं। अब तक मेडिकल कैंप और अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के जरिए 46,583 लोगों का इलाज किया जा चुका है। विभिन्न प्रखंडों से स्वास्थ्य टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाया गया है। डीएम ने बताया कि पानी घटने के बाद संक्रामक बीमारियों और महामारी की आशंका को देखते हुए भी सतर्कता बरती जा रही है। पानी घटने के बाद बीमारी रोकने पर फोकस प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निगरानी और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ICDS टीम को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के लिए लगातार दूध की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। बच्चों में कुपोषण की पहचान के लिए सघन जांच अभियान चलाने को भी कहा गया है। 10,388 पशुओं का इलाज, 1,840 क्विंटल चारा बांटा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 62 पशु कैंप संचालित किए गए हैं। इनके माध्यम से 10,388 पशुओं का इलाज किया गया है। पशुपालकों को राहत देने के लिए अब तक 1,840 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है। 19,504 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित बाढ़ से 19,504 हेक्टेयर कृषि रकबा 33 प्रतिशत से अधिक प्रभावित हुआ है। संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों और फसलों की स्थिति का आकलन कर रहे हैं। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की ओर से प्रभावित लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 137 अस्थायी शौचालय भी संचालित किए जा रहे हैं। पानी घटने के साथ स्वच्छता की चुनौती डीएम ने कहा कि बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घट रहा है। ऐसे में पानी निकलने के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत सामग्री, भोजन, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने संबंधित विभागों को स्थिति सामान्य होने तक पूरी तत्परता से काम करने का निर्देश दिया। साथ ही आम लोगों से तथ्यहीन और भ्रामक खबरों से सतर्क रहने की अपील की।
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बेगूसराय में गंगा का जलस्तर 9 सेंटीमीटर घटा:8 प्रखंडों के 189 गांव अब भी बाढ़ प्रभावित; 3.80 लाख लोग प्रभावित
