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उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर भाजपा ने पवित्र खंडा साहिब का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। बीजेपी नेता का कहना है कि सवाल केवल अखिलेश यादव का नहीं है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनावों में AAP का खुलकर समर्थन किया था, जबकि उत्तर प्रदेश में उनकी समाजवादी पार्टी कांग्रेस की सहयोगी है। ऐसे में कांग्रेस और AAP पंजाब को स्पष्ट करना चाहिए कि वे इस मुद्दे पर कहां खड़े हैं। दोनों अपनी चुप्पी तोड़ें। आरपी सिंह ने अपनी पोस्ट से 4 सवाल उठाएं हैं – 1. आरपी सिंह ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर लिखा है कि अखिलेश यादव द्वारा पवित्र खंडा साहिब का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। धार्मिक प्रतीक राजनीतिक उपहास का साधन नहीं हैं। 2. खंडा साहिब सिख धर्म, सिख पहचान और गौरवशाली विरासत का पवित्र प्रतीक है। इसका अपमान या विकृत रूप प्रस्तुत करना सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाता है। इसे महज सामान्य राजनीतिक अभिव्यक्ति कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 3. अब सवाल केवल अखिलेश यादव का नहीं है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनावों में AAP का खुलकर समर्थन किया था, जबकि उत्तर प्रदेश में उनकी समाजवादी पार्टी कांग्रेस की सहयोगी है। कांग्रेस और AAP को स्पष्ट करना चाहिए कि वे इस मुद्दे पर कहां खड़े हैं। क्या वे केवल इसलिए चुप रहेंगे, क्योंकि अपमान करने वाला उनका राजनीतिक सहयोगी है? धार्मिक भावनाओं के सम्मान के लिए दोहरे मापदंड नहीं हो सकते। राजनीतिक सुविधा के अनुसार एक पैमाना और गठबंधन सहयोगी के लिए दूसरा। 4. हर धर्म और हर पवित्र प्रतीक का समान सम्मान होना चाहिए। खंडा साहिब सिख धर्म का पवित्र प्रतीक है, राजनीतिक प्रचार का साधन नहीं। राजनीतिक गठबंधन धार्मिक आस्था और सम्मान से ऊपर नहीं हो सकते।
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अखिलेश ने खंडा साहिब का किया राजनीतिक प्रयोग:बीजेपी नेता आरपी सिंह का आरोप, कांग्रेस-AAP से चुप्पी तोड़ने की मांग
