Headlines

जीआरपी की पहल:ऑपरेशन हमदर्द में फोटो-पहचान से बन रहा डिजिटल डोजियर




आमला रेलवे स्टेशन पर फटे कपड़ों में बैठा युवक शायद भूल चुका था कि आखिरी बार परिवार को कब देखा था। करीब 10 साल से वह भीख मांगकर जिंदगी गुजार रहा था। ग्वालियर स्टेशन पर दो छोटे भाई-बहन पिता के लौटने का इंतजार करते बिलख रहे थे। वहीं, घर की डांट से नाराज एक किशोरी स्टेशन पहुंच गई। स्टेशन और किरदार अलग थे, लेकिन इन्हें अपनों तक पहुंचाने की कड़ी बनी मप्र जीआरपी की ‘ऑपरेशन हमदर्द’ पहल।
अभियान अब रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले बेसहारा लोगों का डिजिटल डोजियर बनाने तक सीमित नहीं है। बिछड़े लोगों को परिवार से मिलाने और बेसहारा लोगों को आश्रय दिलाने की कोशिश भी इसका हिस्सा है। एक जुलाई से शुरू अभियान के 11 दिन में 363 लोगों का डिजिटल डोजियर तैयार किया गया। शनिवार को 31 लोगों की पहचान कर रिकॉर्ड बनाया गया। इनमें 21 पुरुष, 7 महिलाएं, 2 बालक और एक बालिका शामिल हैं। इस अभियान के जरिए जीआरपी पहचान के साथ उनके परिवार और आश्रय की कड़ी भी तलाश रही है। वीडियो कॉल पर भाई को देख छलक पड़े आंसू आमला रेलवे स्टेशन पर मिला मो. कौशर पिछले करीब 10 साल से घर से दूर था। पूछताछ में उसने बिहार के बेगूसराय का पता बताया। जीआरपी ने स्थानीय पुलिस और जनप्रतिनिधियों की मदद से परिवार का पता लगाया। वीडियो कॉल पर जैसे ही भाई सामने आया, दोनों की आंखें भर आईं। परिवार के भोपाल पहुंचने के बाद कौशर को उनके सुपुर्द कर दिया गया। नाराज होकर घर छोड़ा था आमला स्टेशन पर मिली 16 वर्षीय किशोरी ने बताया कि डांट पड़ने के बाद वह बिना बताए घर से निकल आई थी। जीआरपी ने उसके पिता से संपर्क किया और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया। पिता के इंतजार में रोते मिले भाई-बहन, मिलाया ग्वालियर स्टेशन पर दो छोटे भाई-बहन अकेले बैठे रो रहे थे। पिता उन्हें प्लेटफॉर्म पर बैठाकर मोबाइल चार्जर लेने बाहर चले गए थे और लौटने में देर हो गई। घबराए बच्चों को जीआरपी ने संभाला और तलाश कर पिता को ढूंढ निकाला। कुछ ही देर बाद बच्चे फिर पिता की गोद में थे। पुनर्वास भी कर रहे हैं स्टेशन परिसर में रहने वाले बेसहारा लोगों की फोटो, पहचान और अन्य जानकारी दर्ज कर डिजिटल डोजियर बनाया जा रहा है। नाबालिगों के मामलों में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। बेसहारा लोगों को सामाजिक संस्थाओं और आश्रय गृहों से भी जोड़ा जा रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *