दुनिया का 80% कारोबार अमेरिकी डॉलर में होता है। इससे अमेरिका बैठे-बिठाए अरबों कमाता है। दिल्ली समिट में तय हुआ है कि BRICS के देश आपस में स्थानीय करेंसी में पेमेंट पर फोकस बढ़ाएंगे। इसे डी-डॉलराइजेशन, यानी डॉलर का दबदबा घटाने की कोशिश माना जा रहा है।
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ग्राफिक्स: अंकुर बंसल और विपुल शर्मा
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