![]()
आयुष्मान भारत योजना से सम्बद्ध अस्पतालों की मान्यता और इलाज के दावों को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन पोर्टल की जांच में खुलासा हुआ है कि 107 डॉक्टरों को एक से अधिक अस्पतालों ने अपने यहां फुल टाइम डॉक्टर बताया है। हद तो तब हो गई जब कुछ अस्पतालों ने एक भी फुल टाइम डॉक्टर नहीं दर्शाया और उनका पूरा काम केवल विजिटिंग डॉक्टरों के भरोसे चल रहा है। वहीं 67 डॉक्टरों के नाम पर कुल 831 संस्थानों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज है। मामला सामने आने के बाद आयुष्मान भारत निरामयम् कार्यालय ने संबंधित 174 डॉक्टरों की सूची मध्य प्रदेश चिकित्सा परिषद को भेज दी है। आयुष्मान भारत योजना मप्र के सीईओ अरविंद शाह ने परिषद से कहा गया है कि वह जांच करे और कार्रवाई करे। सभी जिलों के कलेक्टरों को भी इस मामले की जांच के लिए फरमान जारी किया गया है। यह मामला इसलिए बेहद गंभीर है क्योंकि आयुष्मान योजना में अस्पतालों को सूचीबद्ध करते समय इन्हीं डॉक्टरों की उपलब्धता पोर्टल पर दर्ज की गई थी। 831 में केवल 9 फुल टाइम : पांच से अधिक अस्पतालों से जुड़े 67 डॉक्टरों के नाम पर 831 संस्थानों की जानकारी दर्ज है। इनमें मात्र 9 फुल टाइम। यानी लगभग 99% विजिटिंग श्रेणी के हैं। 10 डॉक्टरों के नाम पर ही 290 अस्पतालों की लिंकिंग दर्ज है। इन अहम बिंदुओं पर होगी जांच
Source link
