नागौर नगर परिषद में सभापति की कुर्सी का गणित निर्दलीयों के हाथ में आ गया है। 60 वार्डों में निर्दलीयों ने 23, भाजपा ने 21, कांग्रेस ने 15 और RLP ने 1 सीट जीती है। यानी बहुमत के लिए जरूरी 31 सीटों से भाजपा 10 और कांग्रेस 16 सीट दूर है। ऐसे में दोनों ह
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भाजपा के कई बड़े चेहरों की हार ने समीकरण बिगाड़ दिए हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष रामनिवास सांखला, पूर्व सभापति मीतू बोथरा और नीतू तोलावत जैसे चेहरों की हार के साथ वार्ड 42 में भाजपा जिला महामंत्री कमलेश चौधरी का तीसरे स्थान पर रहना भी पार्टी के लिए झटका है।
अब भाजपा की ओर से वार्ड 33 के संतोष टाक का नाम सभापति पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस में वार्ड 39 के दीपक सैनी के साथ पूर्व सभापति कृपाराम सोलंकी के बेटे प्रवीण सोलंकी का नाम भी सभापति की दौड़ में सामने आया है। ऐसे में निर्दलीयों का बड़ा खेमा जिस तरफ जाएगा, उसी के पक्ष में सभापति और बोर्ड बनेगा।
सूत्रों की मानें तो 7 निर्दलीयों समेत भाजपा के पास बाड़ेबंदी में 29 पार्षद हैं। ऐसे में भाजपा जोड़तोड़ की राजनीति कर बोर्ड बना सकती है।


बड़े चेहरों को हार का झटका नतीजों में कई प्रमुख चेहरों को हार का सामना करना पड़ा। वार्ड नंबर 7 से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामनिवास सांखला चुनाव हार गए। वहीं वार्ड नंबर 15 से पूर्व सभापति मीतू बोथरा और नीतू तोलावत को भी हार मिली। वार्ड नंबर 42 में भाजपा की जिला महामंत्री कमलेश चौधरी भी चुनाव जीतने में सफल नहीं हो सकीं और तीसरे स्थान पर रहीं। बड़े चेहरों की हार ने चुनाव परिणामों को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।
किसी को बहुमत नहीं, निर्दलीयों का साथ जरूरी 60 सदस्यीय नगर परिषद में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। भाजपा ने 21 और कांग्रेस ने 15 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि 23 सीटों पर निर्दलीय जीते हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ लाने की चुनौती है। सभापति का चुनाव हो या बोर्ड गठन, निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है।

भाजपा में संतोष टाक का नाम आगे भाजपा ने 21 वार्डों में जीत दर्ज की है। पार्टी की ओर से वार्ड नंबर 33 से विजयी संतोष टाक का नाम सभापति पद के लिए सबसे मजबूत चेहरों में माना जा रहा है। चुनाव से पहले भी भाजपा के भीतर उनके नाम को लेकर चर्चा रही थी। अब पार्टी के 21 पार्षद जीतकर आने के बाद एक बार फिर संतोष टाक का नाम सभापति की दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और पार्षदों की सहमति से ही होगा।

कांग्रेस में दीपक सैनी और प्रवीण सोलंकी के नाम चर्चा में कांग्रेस ने 15 वार्डों में जीत हासिल की है और अब उसकी नजर निर्दलीय पार्षदों पर है। सभापति पद के लिए वार्ड नंबर 39 से विजयी दीपक सैनी का नाम चर्चा में है। युवा चेहरा होने के कारण पार्टी उनके नाम पर दांव खेल सकती है।
वहीं पूर्व सभापति कृपाराम सोलंकी के बेटे प्रवीण सोलंकी का नाम भी सभापति की दौड़ में सामने आया है। कांग्रेस की ओर से अभी सभापति पद के उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। मौजूदा गणित में 23 निर्दलीय पार्षद सबसे अहम हैं। इनमें से बड़ा खेमा जिस दल के साथ जाएगा, उसके लिए बोर्ड बनाने की राह आसान हो सकती है।
फिलहाल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही नगर परिषद में अपना बोर्ड बनाने का दावा कर रही हैं। आने वाले दिनों में निर्दलीय पार्षदों की घेराबंदी, बैठकों और समर्थन को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। अब निगाह इस बात पर है कि निर्दलीयों का बड़ा खेमा किसके साथ जाता है और सभापति की कुर्सी पर किसका चेहरा बैठता है।

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नागौर नगर परिषद के सभी 60 वार्डों में निर्दलीयों ने 23 वार्ड जीतकर सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं, जबकि भाजपा को 21, कांग्रेस को 15 और RLP को 1 वार्ड में जीत मिली है। पूरी खबर पढ़िए
