पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने सीनियर सेकेंडरी स्तर पर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए विषय और स्ट्रीम (संकाय) चयन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए आदेशों के तहत 11वीं कक्षा पास करने के बाद 12वीं में विषय या स्ट्रीम बदलने की व्यवस्
.
अब विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा में वही स्ट्रीम और विषय पढ़ने होंगे, जिनका अध्ययन उन्होंने 11वीं कक्षा में किया है। इस फैसले का सीधा असर पंजाब के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी बोर्ड संबद्धता प्राप्त स्कूलों पर पड़ेगा।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों का बुनियादी आधार (Concept Base) मजबूत बनेगा।

PSEB बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिए गए मुख्य फैसले…
- 11वीं के बाद 12वीं में स्ट्रीम और विषय बदलने पर रोक: बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के फैसेले के अनुसार 11वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत विद्यार्थी 12वीं कक्षा में अपनी स्ट्रीम जैसे साइंस से आर्ट्स, या कॉमर्स से वोकेशनल आदि में परिवर्तन नहीं कर सकेंगे। दरअसल पहले 12 वीं कक्षा में स्टूडेंट स्ट्रीम व सब्जेक्ट बदल देते थे। अगर कोई स्टूडेंट साइंस स्ट्रीम में कमजोर होता था तो वो कॉमर्स या ह्यूमेनिटीज ग्रुप में चले जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
- विषय परिवर्तन के लिए 30 सितंबर की समय-सीमा: फैसले के अनुसार 11वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के पास विषय, ग्रुप या स्ट्रीम में किसी भी तरह का संशोधन करने के लिए केवल 30 सितंबर तक का समय होगा। इसके लिए उन्हें अपने स्कूल प्रमुख से पूर्व अनुमति लेनी होगी।
- अतिरिक्त विषय की सुविधा: यदि कोई छात्र 11वीं पास करने के बाद किसी अन्य विषय की पढ़ाई करना चाहता है, तो वह उसे मुख्य विषय के रूप में बदलने के बजाय केवल एक ‘अतिरिक्त विषय’ के तौर पर चुन सकता है।
- 10वीं और 12वीं के प्रमाणपत्रों की प्रोसेसिंग फीस माफ: राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा के अंकपत्र/प्रमाणपत्र जारी करने के लिए ली जाने वाली ₹900 की प्रोसेसिंग फीस को पूरी तरह माफ कर दिया है।
- डुप्लीकेट सर्टिफिकेट के लिए नियमों में छूट: प्रमाणपत्र खो जाने की स्थिति में छात्रों को दैनिक डायरी रिपोर्ट (DDR/FIR) दर्ज कराने या समाचार पत्र में सार्वजनिक सूचना छपवाने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है।
- बोर्ड में “हैप्पीनेस सेंटर” की स्थापना: विद्यार्थियों और स्टाफ को मानसिक स्वास्थ्य व मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने के लिए बोर्ड परिसर में ‘हैप्पीनेस सेंटर’ स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
12वीं में स्ट्रीम बदलाव पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने बैठक के दौरान इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की कि कई छात्र 11वीं में साइंस या अन्य कठिन स्ट्रीम चुनने के बाद 12वीं कक्षा में अचानक आर्ट्स या कॉमर्स में ट्रांसफर ले लेते थे। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि 11वीं और 12वीं का पाठ्यक्रम निरंतरता और एक-दूसरे के जुड़ाव के साथ तैयार किया जाता है। यदि कोई विद्यार्थी 11वीं में किसी विषय का आधारभूत ज्ञान प्राप्त नहीं करता और सीधे 12वीं में वह विषय पढ़ता है, तो उसे उस विषय की पूरी समझ विकसित नहीं हो पाती। इसके साथ ही बोर्ड ने इस धारणा को भी खारिज किया कि ह्यूमैनिटीज या कॉमर्स स्ट्रीम किसी भी मायने में साइंस स्ट्रीम से कमतर हैं।
