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निगम की सीलिंग दिन तक सीमित…:रात में बाजार गुलजार, साक्षी ढाबा भी खुला मिला




आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई के मामले में मंगलवार 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। इससे पहले नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई पर याचिकाकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं। आरोप है कि निगम जिन प्रतिष्ठानों को बंद या सील करना बता रहा है, उनमें कुछ शाम होते ही दोबारा संचालित हो रहे हैं। रहवासियों ने निगम से शिकायत कर जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। 6 अगस्त की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने निगम और सरकार को सिर्फ 1000 दुकानों का सर्वे करने पर फटकार लगाई थी और कार्रवाई के लिए फ्री हैंड दिया था। इसके बाद निगम ने 8264 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए। करीब 195 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग या पंचनामे की कार्रवाई हुई। आवासीय क्षेत्रों में संचालित 62 हजार प्रतिष्ठान चिह्नित हैं। द टेन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स… दिन में बंद, शाम को कारोबार का आरोप याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, अरेरा कॉलोनी ई-4 स्थित द व्हाइट बर्न और द टेन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स दिन में बंद मिले, लेकिन शाम को पहले जैसी व्यावसायिक गतिविधियां नजर आईं। ई-7 स्थित चाय लीला के भी शाम बाद संचालन का आरोप है। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि कार्रवाई के बाद प्रतिष्ठान चल रहे हैं तो जिम्मेदारी तय हो। रहवासी लवनीश भाटी और समिति सदस्य पूर्णेंदु शुक्ला ने निगरानी की जांच की मांग की। आज कोर्ट में निगम रखेगा पक्ष
निगम सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दे चुका है। आज सुनवाई में वह पक्ष रखेगा। 8264 नोटिस और करीब 195 कार्रवाइयों के बाद बंद या सील प्रतिष्ठानों के दोबारा खुलने के आरोप भी अहम हैं। दोबारा संचालन आपराधिक कृत्य
सील के बाद भी दोबारा संचालन आपराधिक कृत्य है। मामला सुप्रीम कोर्ट में है, अदालत के पूछने पर वकील के जरिए जवाब देंगे।
-भुवन गुप्ता, उपायुक्त (भवन अनुज्ञा), नगर निगम साक्षी ढाबे से मटन और पनीर के सैंपल लिए…
नीलबड़ रोड स्थित साक्षी ढाबे को निगम ने बंद कराया था, लेकिन 13 सितंबर को खाद्य विभाग को यह खुला मिला। टीम ने यहां से मटन-पनीर के सैंपल लिए और नोटिस दिया। याचिकाकर्ताओं ने प्रतिष्ठानों की स्थिति देखी। समिति ने कमिश्नर संस्कृति जैन से दोबारा सीलिंग, सर्वे और जिम्मेदारों की जांच की मांग की।



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