![]()
वह रोज टैक्सी चलाता था। दिन में मर्डर कर रेप करता, शाम को घर लौटता, पत्नी और परिवार के साथ रहता और अगली सुबह फिर काम पर निकल जाता। चंडीगढ़ पुलिस के पास एक के बाद एक 3 रेप-मर्डर की फाइल तैयार हो गई लेकिन कातिल का कोई अता-पता नहीं। फिर 2 कत्लों में एक जैसे पैटर्न से मिला सुराग, 800 से ज्यादा लोगों की जांच और ब्लड डोनेशन कैंप के बहाने 100 से ज्यादा DNA टेस्ट हुए। जिसके बाद पुलिस आखिरकार उस कातिल तक पहुंच गई, जिसका नाम मोनू है। मगर, वह इतना शातिर निकला कि उसने न मोबाइल रखा और न ही आधार कार्ड बनवाया, बैंक में कोई अकाउंट तक नहीं लेकिन आखिर में वह पकड़ा ही गया। पुलिस ने पूछा तो बोला- जिस वक्त मैं रेप करूं, कोई शोर करे, ये मुझसे बर्दाश्त नहीं होता। इसलिए पहले उनका कत्ल कर देता, फिर लाश से रेप करता। अब उसे तीनों मामलों में उम्रकैद की सजा हो गई। 30 जुलाई, 2010 : कोचिंग के लिए निकली थी छात्रा, झाड़ियों में मिला शव चंडीगढ़ के सेक्टर 38 की रहने वाली 21 साल की एमबीए स्टूडेंट 30 जुलाई, 2010 की शाम को अपने घर से कोचिंग के लिए निकली थी। आम तौर पर वो रात के 9 बजे तक घर वापस लौट आती थी, लेकिन उस दिन नहीं लौटी और ना ही उसका फोन लग रहा था। इस पर घरवालों ने उसके कोचिंग इंस्टीट्यूट में बात की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिवार के लोग सेक्टर 39 के पुलिस स्टेशन में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी। इसके बाद भी परिवार अपने तरीके से नेहा को ढूंढने की कोशिश करता रहा। कुछ ही देर बाद उन्हें सेक्टर 38 के करन टैक्सी स्टैंड के पास उन्हें अपनी बेटी की स्कूटी दिखाई दी। उस पर खून के छींटे लगे थे। परिवार वालों ने आस-पास के पूरे इलाके में तलाश की तो टैक्सी स्टैंड से थोड़ी दूर झाड़ियों में उसकी लाश खून से लथपथ और बिना कपड़ों के पड़ी हुई थी। घरवाले उसे उसी हालत में उठा कर सीधे पीजीआई लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की जांच में सामने आया था कि छात्रा के सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया था। गला घोटने के बाद निजी अंगों से ज्यादती और छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस ने जांच शुरू करने के साथ ही छात्रा के शरीर पर मिले कातिल के डीएनए सैंपल कलेक्ट कर लिए। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई। दिन, महीने, साल निकलते रहे, लेकिन कातिल का कोई पता नहीं चला। दस सालों के बीच पुलिस ने अदालत में इस केस को लेकर अनट्रेस्ड रिपोर्ट दाखिल कर दी। 12 जनवरी 2022: सेम पैटर्न पर हुई महिला की हत्या MBA छात्रा के मर्डर केस को पुलिस बंद कर चुकी थी। मगर, 12 साल बाद यानि 12 जनवरी 2022 में चंडीगढ़ में वैसी ही एक और वारदात हुई। इस बार चंडीगढ़ के ही मलोया के जंगलों में 40 साल की एक महिला की लाश मिली। ये लाश भी बगैर कपड़ों के थी। कातिल ने महिला के निजी अंगों को बुरी तरह से जख्मी कर रखा था। उसके हाथ-पांव बंधे हुए थे और मुंह में जुराब को ठूंसा हुआ था। लाश को देख कर साफ था कि ये मामला भी MBA छात्रा जैसा ही है। महिला के पति ने एक रोज पहले ही अपनी पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी। उसने बताया था कि वह अपनी पत्नी मनदीप के साथ 11 जनवरी की रात 8 बजे पास के बाजार से सामान खरीदने गया था। पत्नी के पास 250 रुपए ही थे। वह पत्नी को बाजार में ही छोड़कर रुपए लेने घर चला गया था। जब लौटा तो पत्नी वहां नहीं थी। उसकी दिन पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई तो अगले रोज लाश मिल गई। पुलिस ने इस केस की भी पूरी गंभीरता से जांच शुरू की, लेकिन धीरे-धीरे वक्त गुजरता रहा और पुलिस के हाथ खाली ही रहे। हालांकि,पुलिस ने महिला की लाश से कातिल के डीएनए सैंपल कलेक्ट कर लिए थे। फरवरी 2024: 60 साल की महिला से रेप-मर्डर
फरवरी 2024 में 60 साल महिला की भी रेप के बाद हत्या कर दी गई। महिला उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं और घटना से करीब ढाई महीने पहले ही चंडीगढ़ आई थीं। पिछले 10-15 दिनों से उनकी तबीयत भी ठीक नहीं चल रही थी। 27 फरवरी की शाम करीब 6:30 बजे उनके पति काम से घर लौटे तो महिला वहां नहीं थीं। उन्होंने आसपास तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। अगले दिन मोहाली थाने में उनकी गुमशुदगी की डीडीआर दर्ज कराई गई। इसी बीच 28 फरवरी को सेक्टर-54 में सरकारी स्कूल के पास जंगलनुमा इलाके में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे पति ने शव की पहचान अपनी पत्नी के रूप में की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि महिला की हत्या रेप के बाद की गई थी। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर DNA सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया। जांच आगे बढ़ी तो इस वारदात की कड़ी ऐसे आरोपी तक पहुंची, जो उस समय एक दूसरे रेप-मर्डर केस में पुलिस की हिरासत में था। अब जानिए कैसे गिरफ्तार हुआ सीरियल किलर… आखिर में जानिए, रेप से पहले हत्या क्यों करता था मोनू
पुलिस पूछताछ में मोनू ने बताया था कि रेप के वक्त कोई आवाज करे, यह उसे बर्दाश्त नहीं होता था। इसलिए वह पहले हत्या करता और फिर रेप करता था। उसने यह भी बताया था कि जब वह किसी महिला या लड़की को अकेले देखता था तो खुद को रोक नहीं पाता था। हालांकि उसके साथ ऐसा क्यों होता, उसने पुलिस को इसके बारे में कुछ नहीं बताया। वह अपने पास मोबाइल फोन नहीं रखता था और न ही कोई सबूत छोड़ता था। परिवार के साथ सोता था, सुबह टैक्सी लेकर निकल जाता। मोनू वारदात करने के बाद बिना डरे अपने घर लौट आता था। वह शाहपुर कॉलोनी में परिवार के साथ रहता था। उसकी पत्नी भी उसके साथ रहती थी। मोहल्ले और परिवार को उसके अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो किसी को विश्वास नहीं हुआ कि उनकी कॉलोनी में रहने वाला मोनू ऐसा कर सकता है।
Source link
चंडीगढ़ का सीरियल किलर, जिसे तीसरी बार उम्रकैद हुई:मोबाइल नहीं रखता, आधार नहीं बनवाया; रेप-मर्डर के 3 केस में DNA से पकड़ा गया
