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पठानकोट के चार मरला में हाईकोर्ट के आदेशों के तहत सैनी भवन को गिराने पहुंची नगर निगम और पुलिस बल की संयुक्त टीम को स्थानीय निवासियों और भवन प्रबंधकों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर स्थिति तनावपूर्ण होती देख निगम प्रशासन को बिना किसी कार्रवाई या तोड़फोड़ के खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। सैनी सभा के सदस्यों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते कहा कि सैनी सभा के हाल का निर्माण का मकसद ऐसे लोगों को सुविधा देना है जो होटलों या पैलेसों में शादी-ब्याह, रस्म क्रिया सहित अन्य आयोजनों पर लाखों रुपए खर्च नहीं कर पाते। लेकिन, राजनीतिक शह प्राप्त कुछ लोगों को सभा का ये जनहितैषी कार्य पसंद नहीं है। जिसके चलते बार-बार शिकायतें कर हाल को तुड़वाने की कोशिशें की जा रहीं हैं। सभाध्यक्ष पम्मा सैनी और गुरदयाल सैनी ने कहा कि उक्त शरारती तत्वों की ये मंशा किसी सूरत में पूरी नहीं होने दी जाएगी और आने वाले दिनों में शरारती तत्वों को संरक्षण देने वाले लीडरों के खिलाफ भी सैनी समाज अभियान शुरू करेगा। हाईकोर्ट के आदेश पर पहुंची थी टीम नगर निगम इंस्पेक्टर समीर के अनुसार, सैनी भवन को लेकर किसी व्यक्ति द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में ही निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ सैनी भवन को ध्वस्त करने पहुंची थी। हालांकि, जैसे ही निगम और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, वहां देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के कारण टली कार्रवाई मौके पर बिगड़ते माहौल और लोगों के तीव्र विरोध को देखते हुए अधिकारियों ने कार्रवाई को बीच में ही रोक दिया। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि वे माननीय हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करने गए थे, लेकिन मौके पर बने भारी विरोध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए फिलहाल कार्रवाई नहीं की जा सकी। भवन मालिकों ने उठाए निगम की कार्रवाई पर सवाल दूसरी ओर, सैनी भवन के प्रबंधकों ने नगर निगम की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है: भेदभाव का आरोप: प्रबंधकों ने कहा कि शहर में कई स्थानों पर खुलेआम अवैध निर्माण हो रहे हैं, लेकिन निगम प्रशासन उन पर कोई कार्रवाई नहीं करता। जनसेवा का माध्यम: सैनी भवन का निर्माण किसी व्यावसायिक (कमर्शियल) लाभ के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह से जनसेवा के उद्देश्य से किया गया है। निःशुल्क सुविधाएं: यहां गरीब व आम लोगों के लिए विवाह-शादियां, धार्मिक कार्यक्रम और शोक सभाएं बिना कोई शुल्क (फीस) लिए आयोजित की जाती हैं। भवन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि समाज सेवा के कार्य में इस्तेमाल हो रही इस इमारत पर इस तरह की कार्रवाई अनुचित है। फिलहाल निगम की टीम वापस लौट गई है, लेकिन मामले को लेकर शहर में चर्चा का बाजार गर्म है। रोहित स्याल बोले, सरकार सैनी सभा के साथ सैनी सभा के सदस्यों की ओर से आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज रोहित स्याल को इस बाबत बताया तो वो खुद वहां पहुंचे और निगम अधिकारियों को सहयोग की अपील की। स्याल ने कहा कि लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाने वाली सैनी सभा के साथ सरकार खड़ी है। इस हाल को नुक्सान नहीं होने दिया जाएगा।
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सैनी भवन गिराने पहुंची टीम का विरोध:पठानकोट निगम ने हाईकोर्ट के आदेशों का दिया हवाला, सभा सदस्य बोले सुप्रीम कोर्ट में करेंगे चैलेंज
