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Vishwakarma Puja 2026 | Sarvartha Siddhi & Ravi Yog


भाद्रपद शुक्ल षष्ठी में आज गुरुवार को विश्वकर्मा पूजा मनाई जाएगी। इस बार पूजन पर सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग का अत्यंत फलदायी संयोग बन रहा है।

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आज कल-कारखाने, गैराज, कंपनी, हार्डवेयर, मोटर वाहन, साईकिल और विश्वकर्मा से जुड़ी सभी स्थलों में और सामानों की सफाई कर उसकी पूजा होगी।

विश्वकर्मा को देवशिल्पी यानी देवताओं के वास्तुकार के रूप में पूजा जाएगा। विश्वकर्मा भगवान की पूजा करने से व्यापार में वृद्धि होती है तथा माता लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है।

ज्योतिषाचार्य राकेश झा।

ज्योतिषाचार्य राकेश झा।

सूर्य का होगा कन्या राशि में गोचर

ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि गुरुवार की देर रात 11:31 बजे भगवान सूर्यदेव कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं आज रात 08:41 बजे तक अनुराधा नक्षत्र फिर ज्येष्ठा नक्षत्र विद्यमान रहेगा। इसके अलावा आज रात में 08:41 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि और रवियोग का पुण्यकारी संयोग बन रहा है। ऐसे उत्तम संयोग में विश्वकर्मा भगवान की पूजा करने से रोजी-रोजगार, कारोबार, नौकरी-पेशा में उन्नति होती है।

निर्माण के देवता है देवशिल्पी

ज्योतिषी झा ने कहा, भगवान विश्वकर्मा ने सतयुग में स्वर्ग लोक, त्रेता युग में लंका, द्वापर में द्वारिका और कलयुग में हस्तिनापुर की रचना किये है। सुदामापुरी का निर्माण भी उन्होंने ही किया था। ऐसे में यह पूजा उन लोगों के ज्यादा महत्वपूर्ण है, जो कलाकार, बुनकर, शिल्पकार और व्यापारी हैं।

इस दिन ज्यादातर कल-कारखाने बंद रहते हैं और लोग हर्षोल्लास के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा करेंगे। इस दिन भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा के सातवें धर्मपुत्र के रूप में जन्म लिए थे।

विश्वकर्मा के द्वारा ही धरती, आकाश और जल की रचना हुई

ऋग्वेद के 10वें अध्याय के 121वें सूक्त के मुताबिक भगवान विश्वकर्मा के द्वारा ही धरती, आकाश और जल की रचना हुए है। देव शिल्प ने ही देवताओं के घर, नगर, अस्त्र-शस्त्र आदि का निर्माण किया था।

भगवान विश्वकर्मा के शिल्प कौशल का ओडिशा का विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर अप्रतिम नमूना है। विष्णु पुराण के अनुसार जगन्नाथ मंदिर की अनुपम शिल्प रचना से प्रसन्न होकर भगवान नारायण उन्हें शिल्पावतार के रूप में सम्मानित किया था।

विश्वकर्मा पूजा पर ये उपाय देगा उन्नति

नौकरी में तरक्की- गुरुवार को शुभ मुहूर्त में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा करने के बाद बड़ो का आशीर्वाद, घी के दीपक का दान, पिली मिठाई व पीला वस्त्र का दान करे।

आर्थिक लाभ- विश्वकर्मा जयंती के दिन कार्यस्थल पर मशीनरी की पूजा कर इनके वैदिक मंत्र का जाप करने से व्यापार में लाभ, कार्य में कुशलता, बौद्धिक क्षमता में वृद्धि व धन लाभ होता है।



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