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N Chandrasekaran Reappointed Tata Sons Chairman


नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

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चंद्रशेखरन पहली बार अक्टूबर 2016 में टाटा सन्स के बोर्ड में शामिल हुए थे।
 - Dainik Bhaskar

चंद्रशेखरन पहली बार अक्टूबर 2016 में टाटा सन्स के बोर्ड में शामिल हुए थे।

टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल 2032 तक बढ़ा दिया गया है। टाटा संस लिमिटेड के बोर्ड ने गुरुवार को 5 साल का नया कार्यकाल देने को मंजूरी दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा चेयरमैन के तौर पर चंद्रशेखरन को दोबारा अपॉइंट करने को चुनौती दे सकते हैं।

अभी चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल चल रहा है, वे फरवरी 2027 में रिटायर होने वाले थे। चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त 2026 को इस्तीफा दे दिया था। तब उनके तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के साथ सहमति नहीं बन पाई थी।

ग्रुप में पहली बार रिटायरमेंट उम्र से आगे कार्यकाल बढ़ाया

टाटा ग्रुप में पहली बार ऐसा हुआ है जब कोई ग्रुप एग्जीक्यूटिव स्टैंडर्ड रिटायरमेंट उम्र से आगे अपने पद पर बना रहेगा।

टाटा ग्रुप की पॉलिसी के मुताबिक एग्जीक्यूटिव को आमतौर पर 65 की उम्र में रिटायर हो जाना चाहिए। हालांकि, नॉन एग्जीक्यूटिव रोल में वे 70 साल की उम्र तक रह सकते हैं। चंद्रशेखरन अभी 63 साल के हैं। दूसरे टर्म के खत्म होने पर फरवरी 2027 में वे ठीक 65 साल के हो जाएंगे।

अब 2032 में 70 साल की उम्र में वे रिटायर होंगे। चंद्रशेखरन पहली बार अक्टूबर 2016 में टाटा सन्स के बोर्ड में शामिल हुए थे, चार महीने बाद जनवरी 2017 में उन्हें चेयरमैन बनाया गया था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1987 में TCS में इंटर्न के तौर पर की थी।

चंद्रशेखरन का 9 साल का सफर: रेवेन्यू ₹16.24 लाख करोड़ पहुंचा

चंद्रशेखरन के 2017 में कमान संभालने के बाद टाटा ग्रुप का दायरा काफी बढ़ा है। चंद्रशेखरन ने ग्रुप को एविएशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे नए क्षेत्रों में उतारा।

  • रेवेन्यू: वित्त वर्ष 2020 में ग्रुप का रेवेन्यू ₹7.89 लाख करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर ₹16.24 लाख करोड़ हो गया।
  • मुनाफा: ग्रुप का मुनाफा ₹32,000 करोड़ से बढ़कर ₹1.71 लाख करोड़ हो गया।
  • मार्केट कैप: लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 2020 के ₹9.31 लाख करोड़ से बढ़कर 2026 में ₹24.39 लाख करोड़ पहुंच गया।

टाटा ग्रुप, टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स में फर्क जानिए

  • टाटा ग्रुपः टाटा नाम से चलने वाली अलग-अलग कंपनियों और कारोबारों को मिलाकर टाटा ग्रुप बनता है। जैसे- टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा पावर और एअर इंडिया।
  • टाटा संसः टाटा संस, टाटा ग्रुप की मुख्य कंपनी है। यह ग्रुप की बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी रखती है और बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाती है।
  • टाटा ट्रस्ट्सः टाटा ट्रस्ट्स सामाजिक और परोपकारी काम करने वाले ट्रस्टों का समूह है। इसके पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है।

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