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Chandigarh Master Plan 2031 | Heritage Committee Approves Stilt Parking



बैठक की अध्यक्षता यूटी के चीफ सेक्रेटरी एवं चंडीगढ़ हेरिटेज कमेटी के चेयरमैन एच. राजेश प्रसाद करते हुए।

चंडीगढ़ के बदलते शहरी जरूरतों को देखते हुए चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों पर गुरुवार को हेरिटेज कमेटी की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता यूटी के चीफ सेक्रेटरी एवं चंडीगढ़ हेरिटेज कमेटी के चेयरमैन एच. राजेश प्रसाद न

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यूटी के फाइनेंस सेक्रेटरी एवं अर्बन प्लानिंग सेक्रेटरी दिप्रवा लाकरा ने कमेटी के सामने प्रस्तावित संशोधनों की विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें मौजूदा प्रावधानों, विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से मिले सुझावों और शहर की बदलती जरूरतों के मद्देनजर किए जाने वाले बदलावों की जानकारी दी गई।

फेज-1 में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं

बैठक में स्पष्ट किया गया कि चंडीगढ़ के फेज-1 में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया गया है। फेज-1 में सेक्टर 1 से 30 तक का क्षेत्र शामिल है। इस हिस्से की मौजूदा प्लानिंग और हेरिटेज कैरेक्टर को बनाए रखने पर जोर दिया गया है। फेज-1 को चंडीगढ़ की मूल प्लानिंग और वास्तु विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसलिए प्रस्तावित संशोधनों में इस क्षेत्र को बाहर रखा गया है।

फेज-2 को लेकर प्रस्तावित संशोधनों में स्टिल्ट पार्किंग की अनुमति केवल बनाए जाने वाले नए सरकारी फ्लैटों के लिए देने का प्रावधान रखा गया है। बैठक में बताया गया कि इस प्रावधान के जरिए पार्किंग की जरूरत को पूरा करने के साथ शहर के हेरिटेज कैरेक्टर और प्लानिंग बैलेंस को बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

बैठक में फेज-3 के लिए प्रस्तावित संशोधनों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इन बदलावों का उद्देश्य फेज-3 में मौजूदा और भविष्य की विकास संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्लानिंग प्रावधानों को ज्यादा व्यावहारिक बनाना है।

प्रस्तावों में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े प्रावधानों को सरल बनाने पर भी जोर दिया गया है। इससे उद्योगपतियों, व्यापारियों और अन्य कमर्शियल स्टेकहोल्डर्स को संपत्तियों के उपयोग और विकास में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इंडस्ट्रियल बिल्डिंग में FAR बढ़ाने का प्रस्ताव

प्रस्तावित संशोधनों में औद्योगिक इमारतों के लिए FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) बढ़ाने का प्रावधान भी शामिल है। बैठक में बताया गया कि बढ़े हुए FAR/कवर्ड एरिया का लाभ आर्किटेक्चरल कंट्रोल के तहत आने वाली इंडस्ट्रियल बिल्डिंग और जोनिंग पैरामीटर के तहत आने वाली इंडस्ट्रियल बिल्डिंग, दोनों को दिया जाएगा।

प्रस्ताव के मुताबिक औद्योगिक इमारतों के लिए FAR को प्लॉट के आकार की परवाह किए बिना 2 करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य औद्योगिक संपत्तियों के मौजूदा उपयोग और बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास की गुंजाइश बढ़ाना है।

नियमों को सरल बनाने पर जोर

चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद ने कहा कि चंडीगढ़ की प्लानिंग व्यवस्था में समय के साथ संतुलित और जिम्मेदार तरीके से बदलाव जरूरी है। शहर के नागरिकों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ चंडीगढ़ की आर्किटेक्चरल और हेरिटेज पहचान को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि प्लानिंग प्रावधानों को तर्कसंगत और सरल बनाने से प्रक्रियागत दिक्कतें कम होंगी। इससे संपत्तियों के इस्तेमाल और विकास को लेकर नियमों में ज्यादा स्पष्टता आएगी और वर्तमान जरूरतों के मुताबिक उनका उचित उपयोग संभव हो सकेगा।

उद्योग और कारोबार को भी सुविधा देने की तैयारी

बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य केवल आवासीय जरूरतों तक सीमित नहीं है। इनमें रेजिडेंट्स, इंडस्ट्रियलिस्ट, ट्रेडर्स और अन्य कमर्शियल स्टेकहोल्डर्स की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है।

खास तौर पर फेज-2 और फेज-3 में रहने वाले लोगों और वहां मौजूद संस्थानों की बदलती जरूरतों के अनुसार प्लानिंग प्रावधानों को ज्यादा व्यावहारिक और पारदर्शी बनाने का प्रस्ताव है। अधिकारियों के मुताबिक इससे औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विस्तार व आधुनिकीकरण में मदद मिल सकती है और शहर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

हेरिटेज और विकास दोनों के बीच संतुलन पर जोर

चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि शहर का विकास और हेरिटेज संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं होने चाहिए। दोनों के बीच संतुलन बनाकर ही चंडीगढ़ का नियोजित विकास किया जाना चाहिए।

बैठक में प्रस्तावित संशोधनों पर पब्लिक कंसल्टेशन के दौरान मिले सुझावों, स्क्रीनिंग कमेटी की जांच और कमेटी में हुई विस्तृत चर्चा को भी ध्यान में रखा गया। चीफ सेक्रेटरी ने कमेटी के सदस्यों से प्रस्तावों को मंजूरी देने का आग्रह किया, ताकि इन्हें आगे यूटी प्रशासक के समक्ष सक्षम अथॉरिटी की मंजूरी के लिए रखा जा सके।

हेरिटेज कमेटी के सदस्यों, प्रशासनिक सचिवों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों से प्रस्तावों पर सुझाव और आपत्तियां मांगी गईं।

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में होम सेक्रेटरी मंदीप सिंह बराड़, इंजीनियरिंग सेक्रेटरी प्रेरणा पुरी, नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डी. कार्तिकेयन, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता, चीफ इंजीनियर सीबी ओझा, एडवोकेट एमएल सरीन, रजनीश वट्टास, पूर्व चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया सहित अन्य अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।



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