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चंडीगढ़ में केमिस्ट दुकानों पर ड्रग कंट्रोल विंग की कार्रवाई:प्रेगाबालिन, ट्रामाडोल- कोडीन वाली दवाएं जब्त, रिकॉर्ड नहीं दिखा सके दुकानदार




चंडीगढ़ प्रशासन के ड्रग्स कंट्रोल विंग ने शहर की तीन केमिस्ट दुकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सेक्टर-40, 41 और 23-सी में की गई। टीम ने इन दुकानों से प्रेगाबालिन, ट्रामाडोल और कोडीन वाली दवाओं की कई खेप जब्त की हैं। इन दवाओं के गलत इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए विभाग की ओर से कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई नशा मुक्त भारत अभियान के तहत की गई। चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव के निर्देश और स्वास्थ्य सचिव व डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज-कम-ड्रग्स कंट्रोलर की निगरानी में ड्रग कंट्रोल विंग ने यह अभियान चलाया। सेक्टर-40 की दुकान से 820 कैप्सूल जब्त रात करीब 10 बजे ड्रग इंस्पेक्टर तजिंदर सिंह और अमित लखनपाल की टीम ने सेक्टर-40 स्थित साई मेडिकल एजेंसी की जांच की। यहां से प्रेगाबालिन वाली पांच तरह की एलोपैथिक दवाएं मिलीं। टीम ने कुल 820 कैप्सूल जब्त किए। इनकी कीमत करीब 13 हजार रुपए बताई गई है। विभाग के अनुसार इन दवाओं का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। जांच के दौरान दुकान संचालक जब्त की गई दवाओं से संबंधित खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड टीम को नहीं दिखा सका। इसके बाद दवाओं को जब्त कर लिया गया। सेक्टर-41 से ट्रामाडोल और कोडीन वाली दवाएं मिलीं ड्रग कंट्रोल विंग की टीम ने सेक्टर-41 स्थित सूद मेडिकल स्टोर की जांच की। यहां से ट्रामाडोल और कोडीन वाली तीन तरह की एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं। कार्रवाई के दौरान टीम ने 120 कैप्सूल और कफ सिरप की 35 बोतलें जब्त कीं। जब्त दवाओं की कुल कीमत करीब 27 हजार रुपए बताई गई है। विभाग के अनुसार इन दवाओं का भी गलत इस्तेमाल होने की आशंका रहती है। जांच के दौरान मेडिकल स्टोर संचालक जब्त दवाओं से संबंधित खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड पेश नहीं कर सका। सेक्टर-23सी में 800 कैप्सूल और सिरप जब्त रात करीब 10 बजे ड्रग कंट्रोल विंग की टीम ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के अधिकारियों के साथ सेक्टर-23सी स्थित राय मेडिकोज की जांच की। यहां से प्रेगाबालिन और कोडीन फॉस्फेट वाली पांच तरह की एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं। टीम ने 800 कैप्सूल और कफ सिरप की तीन बोतलें बरामद कीं। जब्त दवाओं की कीमत करीब 26 हजार रुपए बताई गई है। इस दुकान पर भी संचालक जब्त की गई दवाओं से संबंधित खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड नहीं दिखा सका। तीनों दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी होंगे ड्रग कंट्रोलर, यूटी चंडीगढ़ की ओर से तीनों संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। विभाग यह कार्रवाई इसलिए कर रहा है ताकि दुकानों पर ऐसी दवाओं की बिक्री और उनके रिकॉर्ड की जांच की जा सके। ड्रग्स कंट्रोल विंग ने स्पष्ट किया है कि नशे के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए इस तरह की जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। तीनों जगह हुई कार्रवाई को देखें तो टीम ने कुल 1,740 कैप्सूल और 38 बोतल कफ सिरप जब्त किए हैं। जब्त दवाओं की कुल कीमत करीब 66 हजार रुपए बताई गई है। इनमें प्रेगाबालिन के अलावा ट्रामाडोल और कोडीन वाली दवाएं शामिल हैं।



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