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दूनी नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी से चेयरमैन की प्रत्याशी अर्चना बड़गुर्जर के अपहरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्षद बड़गुर्जर के परिजनों ने आज टोंक पहुंचकर रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे, जहां नारेबाजी करते हुए करीब 20 मिनट तक प्रदर्शन किया। इसके बाद कलेक्टर टीना डाबी के नाम एडीएम विनोद मीणा को ज्ञापन सौंपकर पार्षद अर्चना बड़गुर्जर को मुक्त कराकर उनके सुपुर्द करने की मांग की गई। परिजनों ने बताया कि 14 सितंबर जारी नगर निकायों के परिणाम में दूनी नगरपालिका के वार्ड 14 से अर्चना निर्वाचित हुई हैं। उसके बाद से वह कुछ अपने समर्थक पार्षदों के साथ बाड़ेबंदी में थी। वह अपने बाड़ेबंदी में से अपने कुछ समर्थक पार्षदों के साथ 16 सितंबर को अजमेर की ओर से दूनी नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने आ रही थी। इस दौरान सरवाड़ टोल प्लाजा के पास अर्चना बड़गुर्जर और उसके कुछ समर्थक पार्षदों का अपहरण कर ले गए। इसका आरोप लोगों ने पुलिस पर लगाया है।
दूनी निवासी रघुनाथ पुत्र रामरतन खटीक ने बताया कि उनकी बहू अर्चना ने अध्यक्ष पद के आवेदन पर पहले ही हस्ताक्षर कर दिए थे, इसलिए उनके प्रस्तावक द्वारा आवेदन जमा करा दिया गया। अपहरण के बाद उसका कोई पता नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने इस घटनाक्रम को लेकर पुलिस एवं प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने मांग की है कि अर्चना बड़गुर्जर और उसके समर्थक पार्षदों को मुक्त किया जाए, जिससे वह स्वतंत्र होकर नगर पालिका अध्यक्ष के लिए मतदान कर सके।
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दूनी नगर पालिका चेयरमैन प्रत्याशी के अपहरण का आरोप:परिजनों ने टोंक में रैली निकाली, कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी
