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Rahul Gandhi Indore Visit | Chhatron Ki Goonj Event Ground Report


राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शनिवार को इंदौर के IDA ग्राउंड पर बड़ी संख्या में युवा पहुंचे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने करीब 2 लाख रजिस्ट्रेशन का दावा किया था, जबकि आयोजन स्थल पर हजारों युवाओं की मौजूदगी रही।

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करीब एक घंटे चले कार्यक्रम में राहुल गांधी ने युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम की तैयारियों से लेकर युवाओं की मौजूदगी और आयोजन स्थल के माहौल तक दैनिक भास्कर के रिपोर्टरों ने मौके से अलग-अलग अनुभव जुटाए।

सबसे पहले देखिए राहुल के कार्यक्रम से 2 तस्वीरें…

डोम के अंदर हजारों युवा मौजूद रहे।

डोम के अंदर हजारों युवा मौजूद रहे।

राहुल को सुनने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।

राहुल को सुनने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।

अब देखिए राहुल के मंच की तस्वीर…

मंच से राहुल ने युवाओं के साथ बातचीत की।

मंच से राहुल ने युवाओं के साथ बातचीत की।

अब पढ़िए दैनिक भास्कर के रिपोर्टर के अनुभव…

संतोष शितोले: 43 शर्तों की अनुमति से उमड़ी भीड़ तक

‘राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कई दिनों तक अनुमति का असमंजस रहा। पहले आईडीए और फिर पुलिस ने 43 शर्तों के साथ मंजूरी दी। खास बात यह रही कि अंतिम पुलिस अनुमति 19 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे जारी हुई।

इतने वर्षों की पत्रकारिता में यह मेरे लिए अलग अनुभव था। सुबह 11 बजे से शुरू हुई युवाओं की भीड़ कार्यक्रम खत्म होने तक बढ़ती गई। अंदर महिलाएं भी बच्चों के साथ पहुंचीं, जबकि बाहर भी कई लोग राहुल को सुनने के लिए जुटे रहे। कार्यक्रम के बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे भी छात्रों के समर्थन में हैं, लेकिन आदेश मिलने पर ड्यूटी निभानी पड़ती है। एक पुलिसकर्मी ने कहा- दिल्ली जैसा आदेश आता तो जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज करना पड़ता, जो भीतर से तकलीफ देता। राहत रही कि इंदौर में ऐसी स्थिति नहीं बनी।’

अमित सालगट: राहुल की गूंज के लगा रहे थे नारे

‘शाम करीब 5 बजे भंवरकुआं चौराहे से लेकर रीजनल पार्क तक युवाओं के अलग-अलग ग्रुप राहुल गांधी के इंतजार में थे। राहुल गांधी को देखने के लिए वे यहां खड़े थे। वहीं युवाओं के ग्रुप गूंज है, भाई गूंज है छात्रों की गूंज है, के नारे लगा रहे थे। युवाओं की टोलियां लगातार रीजनल पार्क के सामने आयोजन स्थल की ओर बढ़ रही थी। धीरे-धीरे समय बीता और करीब 6.20 बजे राहुल गांधी का काफिला रीजनल पार्क के पास पहुंच गया। बीच रोड पर लोगों की लाइन राहुल के फोटो-वीडियो लेने लगी। जैसे ही उनका काफिला गुजरा युवाओं की टोलियां उनकी गाड़ी के पीछे पहुंच गई। राहुल गांधी को देखने के लिए युवाओं में भारी क्रेज नजर आया।’

जलज नागदा: स्मार्टफोन जनरेशन से राहुल का कनेक्ट

‘इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी अलग अंदाज में नजर आए। करीब एक घंटे मंच पर रहे राहुल ने ज्यादातर समय छात्रों को सुनने में दिया। हर छात्र की बात सुनी, हाथ मिलाया, गले मिले और कंधे पर हाथ रखकर उनसे जुड़ने की कोशिश की। आखिर में स्मार्टफोन जनरेशन की स्टाइल में छात्रों के साथ सेल्फी भी ली। अपनी बात समझाने के लिए फैक्ट और पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन का सहारा लिया। सामने हजारों छात्र मोबाइल से हर पल कैप्चर करते रहे। नेताओं के लिए अलग छोटा पंडाल था, जबकि सामने सिर्फ छात्र थे। रेपर के गाने पर बुजुर्ग नेता भी युवाओं के साथ थिरकते दिखे।’

विनय यादव: सुबह 11 बजे से जुटने लगी थी भीड़

‘सुबह 11 बजे से ही कार्यक्रम स्थल के बाहर युवाओं की भीड़ जुटने लगी थी, जबकि एंट्री दोपहर 3 बजे से रखी गई थी। प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों से युवा समूहों में यहां पहुंचे। किसी के हाथ में झंडे थे तो कोई ढोल-ताशों और डीजे की धुन पर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा।

खास बात यह रही कि इस बार युवाओं को नेता लेकर नहीं आए, बल्कि वे खुद अपनी उम्मीदों और आक्रोश के साथ पहुंचे थे। बाहर से लेकर अंदर तक युवाओं में सरकार के प्रति नाराजगी साफ नजर आई। कार्यक्रम के दौरान अंदर भी जबरदस्त उत्साह और ऊर्जा दिखाई दी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद कई युवाओं ने बदलाव की उम्मीद जताई।’

कपिल राठौर: राहुल की एक झलक के लिए बेकाबू हुए कार्यकर्ता

‘राहुल गांधी के दोपहर 1:50 बजे इंदौर पहुंचने पर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह था। एयरपोर्ट से लेकर रास्ते तक कार्यकर्ता बस यही कहते नजर आए कि उन्हें राहुल की एक झलक देखनी है। कुछ लोग हाथों में बैनर लेकर शक्ति प्रदर्शन और अपने नेताओं के नाम के साथ पहुंचे थे। वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें समझाया कि राहुल यहां चुनाव के लिए प्रतिनिधि चुनने नहीं, बल्कि छात्रों के बीच संदेश देने आए हैं। कार्यकर्ताओं से राहुल से थोड़ी दूरी बनाए रखने की अपील भी की गई, लेकिन उन्हें सामने देखते ही उत्साह पर काबू नहीं रहा। कई कार्यकर्ता राहुल की कार तक पहुंच गए। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भी चूक नजर आई।’

सुहानी वर्मा: लड़कियों में जोश दिखाई दिया

ज्यादातर लड़कियों में बहुत जोश था। उन्होंने बताया कि उन्हें राहुल गांधी बहुत प्यारे लगते हैं और वे दिल से उनसे मिलना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि इस उम्र में भी राहुल गांधी ने खुद को अच्छे तरीके से संभालकर रखा है। उनकी बात करने का लहजा बिल्कुल दबदबे वाला नहीं है और वे सहपाठी व हमउम्र की तरह हर व्यक्ति से बात करते हैं।

लड़कियों ने कहा कि वे प्रधानमंत्री से उम्मीद करती हैं कि वे छात्रों के साथ बैठकर उनके स्तर पर उनकी व्यक्तिगत समस्याएं सुनें। ऐसा नहीं होने पर आखिरी विकल्प के तौर पर उन्हें विपक्ष के नेता के पास जाना पड़ा। छात्र भले ही मौज-मस्ती के मूड में हों, लेकिन अपना मुद्दा और परेशानियां नहीं भूले हैं। उनकी गूंज उतनी ही प्रभावशाली है।

पल्लवी केसरी: भीड़ के बीच युवाओं की उम्मीद साफ नजर आई

इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की कवरेज के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान युवाओं के उत्साह ने खींचा। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों और युवाओं में राहुल गांधी को लेकर खास उत्सुकता नजर आई। कई युवा इस उम्मीद के साथ नारे लगाते दिखे कि यदि राहुल गांधी देश का नेतृत्व करते हैं तो शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बातचीत में कुछ युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में ज्यादा स्वतंत्रता और विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसरों की उम्मीद जताई। पूरे कार्यक्रम के दौरान युवाओं की भागीदारी और उनका उत्साह यह महसूस कराने वाला था कि शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दे उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

दिव्यांश व्यास: छात्रों का जोश और ट्रैफिक की परेशानी

रीजनल पार्क के बाहर आज ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का असर सड़कों पर भी नजर आया। राहुल गांधी का काफिला जैसे ही शहर से गुजरा, हाथों में झंडे और पोस्टर लिए युवाओं ने नारेबाजी कर स्वागत किया। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें और युवाओं का जोश एक साथ दिखाई दिया। दूसरी ओर कार्यक्रम स्थल के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था चुनौती बनी रही। रीजनल पार्क रोड, बायपास और रिंग रोड पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं। जगह-जगह हॉर्न का शोर था और कई वाहन चालक व ऑटो-बाइक सवार जाम में फंसे रहे। चिलचिलाती धूप में लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। एक तरफ ग्राउंड में युवाओं का जोश और बड़े डोम के साथ सुरक्षा व्यवस्था दिखी, तो दूसरी तरफ सड़क पर जाम से परेशान इंदौरी नजर आए।

अब देखिए एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम के अंदर और बाहर की तस्वीरें…

मंच के अंदर युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

मंच के अंदर युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

राहुल की सभा के ठीक बाद जाम लग गया।

राहुल की सभा के ठीक बाद जाम लग गया।

राहुल का काफिला आयोजन स्थल की ओर।

राहुल का काफिला आयोजन स्थल की ओर।

डोम के अंदर जाने के लिए लंबी लाइन लगी रही।

डोम के अंदर जाने के लिए लंबी लाइन लगी रही।

दोपहर से ही युवाओं की भीड़ लगी रही।

दोपहर से ही युवाओं की भीड़ लगी रही।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया पलटवार

राहुल के सवालों पर एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पलटवार किया है। सीएम ने कहा कि इंदौर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने ‘झूठ की गूंज’ का कार्यक्रम किया। बिना तैयारी के उन्होंने कुछ बच्चों और युवा मित्रों से संवाद किया। ऐसा लगा कि कांग्रेस के लोगों ने अपने एजेंडे के आधार पर जनता के बीच भ्रम फैलाने की दृष्टि से यह कार्यक्रम आयोजित किया।

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राहुल बोले- सिस्टम अंधभक्त पैदा कर रहा

राहुल गांधी ने इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ को संबोधित किया। कार्यक्रम के 5वें एडिशन में उन्होंने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ विषय पर करीब 60 मिनट बात की। कार्यक्रम के लिए IDA ग्राउंड पर 20 से 25 हजार युवा पहुंचे। छात्रों से सवाल-जवाब के दौरान राहुल ने कहा- सिस्टम नहीं चाहता कि स्टूडेंट्स सवाल पूछें, इसलिए वह अंधभक्त पैदा करता है।पूरी खबर पढ़ें



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