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जाति को लेकर राजनीतिक बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भोपाल से सामाजिक एकता का संदेश दिया। शाखा संगम में उन्होंने कहा कि जातिगत छुआछूत हिंदू समाज पर कलंक है। जन्म आधारित भेदभाव हिंदू संस्कृति का हिस्सा नहीं है। इसे केवल कानून या भाषणों से खत्म नहीं किया जा सकता। इसे समाप्त करने भगवान नहीं आएंगे, हमें ही करना होगा। जाति, पंथ, भाषा और प्रांत के भेद समाज को कमजोर करते हैं। जाति के नाम पर दुर्व्यवहार राष्ट्र को दुर्बल करता है। हर उंगली में ताकत, साथ आएं तो मुट्ठी बनती है : संगठन की शक्ति समझाते हुए होसबाले ने कहा कि हर उंगली में अपनी ताकत है, लेकिन उंगलियां और अंगूठा मिलकर मुट्ठी बनते हैं तो सबकी ताकत एक जगह इकट्ठी हो जाती है। यही संगठन की शक्ति है। समाज भी भेद भूलकर एकजुट होगा तो मजबूत बनेगा। होसबाले ने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष समाप्ति की ओर है, लेकिन संघ के काम और भारत की यात्रा पर कोई फुल स्टॉप नहीं है। भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दुनिया में देश का गौरव बढ़ा है।
ये हैं संघ के पंच परिवर्तन 1. समरसता: जन्म आधारित भेदभाव, छुआछूत खत्म करना। 2. पर्यावरण संरक्षण: पानी, पेड़, प्राकृतिक संसाधन बचाना। 3. कुटुंब प्रबोधन: परिवार में संवाद, संस्कार, स्नेह बढ़ाना। 4. नागरिक कर्तव्य: कानूनों का पालन, राष्ट्र के प्रति दायित्व निभाना। 5.स्वदेशी: स्वदेशी आचरण व राष्ट्रधर्म को प्राथमिकता देना।
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जाति की राजनीति के बीच आरएसएस का संदेश:होसबाले ने कहा – छुआछूत हिंदू संस्कृति का हिस्सा नहीं, ये भाषणों से खत्म नहीं होगी
