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शिमला पुलिस ने 4.13 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त की:अब तक 12.52 करोड़ की संपत्ति जब्त; NDPS के 15 केसों की चल रही जांच




शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस के एक मामले में करीब 4 करोड़ 13 लाख रुपए की चल-अचल संपत्ति जब्त की है। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर की गई। इसमें नशे के अवैध कारोबार से कमाए गए पैसों से बनाई गई संपत्तियों की पहचान की गई। पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज एक मामले में 13 अगस्त 2024 को कार्रवाई हुई थी। पुराना बस स्टैंड स्थित एक होटल से सूरज निवासी लखीसराय, बिहारऔर रोहित पांडे निवासी आरा, बिहार के पास से करीब 6.5 ग्राम हेरोइन/चिट्टा मिला था। जांच में आगे और पीछे के लिंक खंगालने पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। साल 2026 में इस मामले की फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन की गई। इसमें 9 आरोपी और 10 सहयोगी समेत कुल 19 लोगों के नाम पर चल और अचल संपत्तियां चिन्हित की गईं। इनमें दो रेजिडेंशियल लैंड प्लॉट, दो आवासीय भवन, एक अपार्टमेंट, एक होम-स्टे और महिंद्रा थार, हुंडई क्रेटा, मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा, टाटा नेक्सन जैसे वाहन शामिल हैं। कुल 20 संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 4.13 करोड़ रुपये बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में इन संपत्तियों के मालिकों और उनके सहयोगियों की आय का कोई वैध स्रोत नहीं मिला। उपलब्ध वित्तीय और संपत्ति संबंधी तथ्यों के आधार पर, इन्हें नशे के अवैध कारोबार से कमाए गए पैसों से जुड़ी संपत्तियां माना गया। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के नियमों के तहत इन्हें जब्त करने की कार्रवाई की गई। तस्करी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क और संपत्तियों पर भी कार्रवाई जारी शिमला पुलिस के अनुसार, साल 2026 में अब तक 15 एनडीपीएस मामलों में 68 आरोपियों और उनके सहयोगियों की 12.52 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। इनमें जमीन, आवासीय अपार्टमेंट, दुकानें, लग्जरी और कमर्शियल वाहन, बैंक डिपॉजिट, नकदी और सोने के आभूषण शामिल हैं। साल 2024 और 2025 में इस तरह की कार्रवाई नहीं हुई थी। अब नशा तस्करी के मामलों में सिर्फ गिरफ्तारी और नशे की बरामदगी ही नहीं, बल्कि तस्करी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क और संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है।



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