Headlines

टोंक शहर में जलझूलनी एकादशी पर प्रभु ने किया जल-विहार:प्रसिद्ध काला बाबा का डोला देखने जिलेभर से आए श्रद्धालु




जलझूलनी एकादशी के अवसर पर मंगलवार को टोंक शहर के मंदिरों से भगवान ठाकुर जी के डोले निकाले गए, जो पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए चतुर्भुज तालाब पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान को जलविहार करवाया। डोल यात्रा में शहर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान कोतवाल के नाम से प्रसिद्ध काला बाबा देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद भगवान के डोलों को आकर्षक रूप से सजाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं की मौजूदगी में डोल यात्राएं निकाली गईं। जैसे-जैसे डोल यात्रा आगे बढ़ती गई, इसमें श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। धार्मिक जयकारों से शहर के प्रमुख मार्ग भक्तिमय नजर आए। शहर के प्रमुख मार्गों से निकली डोल यात्रा जलझूलनी एकादशी पर निकली डोल यात्राओं में महिला-पुरुषों के साथ बच्चे और युवा भी शामिल हुए। श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान के डोलों के साथ चलते नजर आए। कई स्थानों पर लोगों ने डोल यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। डोल यात्राओं के चतुर्भुज तालाब पहुंचने पर धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान को जलविहार करवाया गया। इस दौरान तालाब परिसर में भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। जलविहार के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लिया। भक्ति के साथ दिखा उत्सव का माहौल जलझूलनी एकादशी के अवसर पर शहर में धार्मिक आस्था के साथ उत्सव जैसा माहौल बना रहा। डोल यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के चेहरे पर उत्साह और उमंग दिखाई दी। मंदिरों से निकलने वाले डोलों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने से प्रमुख मार्गों पर लोगों की भीड़ नजर आई। सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के डोल यात्रा में शामिल होने को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस के जवान तैनात रहे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाओं पर नजर रखी। भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए। पुलिसकर्मी डोल यात्राओं के साथ-साथ प्रमुख मार्गों पर लगातार निगरानी करते नजर आए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो और धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। धार्मिक परंपरा और आस्था का अनूठा संगम जलझूलनी एकादशी पर भगवान के डोले निकालकर जलविहार करवाने की परंपरा टोंक में लंबे समय से श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई जाती रही है। मंगलवार को भी इस परंपरा में शहरवासियों ने बढ़-चढक़र भागीदारी निभाई। मंदिरों से शुरू हुई डोल यात्रा चतुर्भुज तालाब तक पहुंची तो पूरा वातावरण धार्मिक आस्था से ओतप्रोत नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ शहर की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *