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बाड़मेर में सितंबर महीने में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। आमतौर पर जिस महीने में गुलाबी ठंडक का अहसास शुरू हो जाता है, वहां इस बार गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
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सितंबर के अंतिम सप्ताह में दिन का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जबकि, पिछले साल इसी अवधि में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री रहा था। आसमान से बरस रही आग फसलें झुलसा रही है। कृषि जानकारों के अनुसार यह समय खरीफ की मुख्य फसलों बाजरा, ग्वार, मूंग और मोठ के पकने का होता है। इस अवस्था में पौधों को नमी की सख्त जरूरत होती है। लेकिन 40 डिग्री के पार जाते तापमान और लगातार चल रही गर्म शुष्क हवाओं के कारण खेतों की नमी तेजी से खत्म हो गई है।
हीट स्ट्रेस से बाजरा पड़ रहा कमजोर, मूंग की फलियां सूखी
तेज धूप के कारण पौधों में हीट स्ट्रेस पैदा हो रहा है। इससे बाजरे की बालियों में दाने पूरी तरह से भराव नहीं ले पा रहे हैं और सिकुड़ कर कमजोर हो रहे हैं। ग्वार और मूंग में गर्मी के कारण फलियां समय से पहले सूख रही हैं और फूल झड़ने लगे हैं। इससे दाने का वजन और गुणवत्ता दोनों गिर जाएगी। शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से किसानों को इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन ऐन वक्त पर पिछले डेढ़ माह से जिले के कई हिस्सों में बारिश नहीं हुई है, इसी वजह से उत्पादन में 50 से 70 प्रतिशत तक की गिरावट की आशंका है।
सितंबर 2023 में था अब तक का रिकार्ड गर्म 42 डिग्री
बाड़मेर में भीषण गर्मी का आंकड़ा 42.2 डिग्री था। 8 सितंबर 2023 को अब तक का सर्वाधिक गर्म रहा था। जबकि सबसे कम पारा 22.2 डिग्री 29 सितंबर 2015 को रहा था।
