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सतना के मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर बच्चों की सेहत पर दिखाई दे रहा है। वायरल फीवर, ब्रोंकोलाइटिस और निमोनिया के मरीज बढ़ने से सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय जिला अस्पताल का पीआईसीयू और शिशु वार्ड क्षमता से ज्यादा मरीजों से भर गया है। 10 बेड की क्षमता वाले पीआईसीयू में इस समय 32 बच्चे भर्ती हैं, जिनमें 30 बच्चों को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है। वहीं 20 बेड के शिशु वार्ड में 47 बच्चे भर्ती हैं। दोनों यूनिट को मिलाकर कुल 79 बच्चों का इलाज चल रहा है। 12 बच्चों में निमोनिया के लक्षण अस्पताल में भर्ती बच्चों में से 12 में निमोनिया के लक्षण मिले हैं। फेफड़ों में संक्रमण के कारण इन बच्चों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। डॉक्टर जरूरत के मुताबिक नेबुलाइजेशन, ऑक्सीजन और दवाओं से इलाज कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल वायरल निमोनिया के गंभीर मामले ज्यादा नहीं हैं। हालांकि तापमान में गिरावट के साथ बच्चों में सांस से जुड़े संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। 20 बेड के वार्ड में 47 बच्चे शिशु वार्ड की क्षमता 20 बेड की है, लेकिन यहां 47 बच्चे भर्ती हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण कई जगह एक बेड पर दो बच्चों को रखा गया है। जगह की कमी होने पर कुछ बच्चों के लिए जमीन पर गद्दे बिछाकर इलाज की व्यवस्था की गई है। गद्दे कम पड़ने पर बेडशीट बिछाकर बच्चों को लिटाया गया है। ठंड से बचाने और लक्षण दिखने पर डॉक्टर को दिखाने की सलाह डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव के साथ बच्चों में वायरल और सांस संबंधी संक्रमण बढ़ सकते हैं। अभिभावकों को बच्चों को ठंड से बचाने और बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह दी गई है।
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सतना में 10 बेड के पीआईसीयू में 32 बच्चे भर्ती:30 ऑक्सीजन पर; शिशु वार्ड में भी क्षमता से ज्यादा मरीज, जमीन पर हो रहा है इलाज
