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बलरामपुर के डिवाइन पब्लिक स्कूल में सोमवार को दूसरी कक्षा की 7 वर्षीय छात्रा वैष्णवी तिवारी की अचानक मौत हो गई थी। घटना के बाद सिद्धार्थनगर स्थित उसके पैतृक गांव गुलहरिया में परिवार में मातम छा गया। वैष्णवी त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के गुलहरिया गांव की रहने वाली थी। परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए करीब दो साल पहले बलरामपुर में किराए के मकान में रहने लगा था। छात्रा का अंतिम संस्कार सिद्धार्थनगर में किया गया। क्लास में अचानक गिर पड़ी वैष्णवी परिवार के मुताबिक, सोमवार सुबह वैष्णवी रोज की तरह स्कूल गई थी। करीब 11 बजे वह क्लास में अन्य बच्चों के साथ सामान्य रूप से बैठी और बातचीत कर रही थी। इसी दौरान वह अचानक अपनी सीट से उठी और लड़खड़ाकर गिर पड़ी। CCTV फुटेज में वैष्णवी अन्य बच्चों के साथ बैठी दिखाई दे रही है। इसी दौरान स्कूल के पास से गणेश विसर्जन का जुलूस और डीजे गुजरता नजर आता है। तेज आवाज के बीच बच्चे कुछ देर प्रतिक्रिया देते दिखते हैं। इसके बाद वैष्णवी अचानक उठती है, लड़खड़ाकर गिरती है और कुछ देर बाद दोबारा बेहोश होकर गिर जाती है। शिक्षकों ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया वैष्णवी के गिरने के बाद शिक्षिका तुरंत उसके पास पहुंचीं। उसे संभालने और होश में लाने का प्रयास किया गया। करीब दो मिनट तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर स्कूल स्टाफ उसे जिला मेमोरियल अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जिला मेमोरियल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक गिरधर चौहान ने बताया कि बच्ची को इमरजेंसी में मृत अवस्था में लाया गया था। पोस्टमॉर्टम नहीं होने के कारण मौत की सटीक वजह बताना संभव नहीं है। परिजन पोस्टमॉर्टम कराए बिना शव को सिद्धार्थनगर ले गए। स्कूल प्रबंधन ने डीजे की तेज आवाज का किया दावा स्कूल प्रबंधन के अनुसार, घटना के समय स्कूल के पास से गणेश विसर्जन का जुलूस निकल रहा था और तेज आवाज में डीजे बज रहा था। प्रबंधन का दावा है कि इसी दौरान बच्ची की तबीयत बिगड़ी। हालांकि, तेज आवाज और बच्ची की मौत के बीच सीधा संबंध अभी चिकित्सकीय रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर कर रही जांच सीओ सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि स्कूल के पास डीजे की आवाज से छात्रा की मौत की जानकारी पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से मिली थी। थाने पर इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई थी। छात्रा का अंतिम संस्कार भी हो चुका है। इसके बावजूद पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्कूल के CCTV फुटेज देखे जा रहे हैं। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। बच्चों की पढ़ाई के लिए बलरामपुर में रह रहा था परिवार वैष्णवी अपने पिता सोनू तिवारी की तीन संतानों में सबसे बड़ी थी। उसके बाद पांच साल की बेटी और तीन साल का बेटा है। सोनू तिवारी करीब दो साल पहले पत्नी और तीनों बच्चों के साथ उनकी पढ़ाई के लिए बलरामपुर में किराए के मकान में रहने लगे थे। वह पेशे से इंजीनियर हैं और मकान का नक्शा बनाने का काम करते हैं। सोनू तिवारी के माता-पिता और चार भाई समेत परिवार का बड़ा हिस्सा हैदराबाद में रहता है, जहां परिवार का कारोबार भी है। बच्चों की पढ़ाई के कारण सोनू बलरामपुर में रह रहे थे, जबकि सिद्धार्थनगर स्थित पैतृक गांव से उनका जुड़ाव बना हुआ था।
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स्कूल में छात्रा की मौत, CCTV में गिरते दिखी बच्ची:बलरामपुर में दूसरी कक्षा में पढ़ती थी, गणेश विसर्जन के दौरान पास से गुजरा था डीजे
