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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की जगराओं में पल्लेदार यूनियन की संघर्ष कमेटी के साथ बैठक हुई। बुधवार देर शाम हुई इस बैठक में पल्लेदारों की समस्याओं पर विस्तार से बात हुई। बैठक में फूड एवं सप्लाई विभाग के सचिव राहुल तिवारी, विभाग के अधिकारी और पल्लेदार यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल थे। यूनियन नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने पल्लेदारों के रेट, काम के समय की व्यवस्था, ईपीएफ और ईएसआई जैसी कई मांगें रखीं। उन्होंने ठेकेदारी प्रथा खत्म कर सीधे मजदूरों को भुगतान करने की भी मांग की। नेताओं ने कहा कि ठेकेदारी सिस्टम से पल्लेदार मजदूरों को काफी दिक्कतें आती हैं, इसलिए इसे खत्म करके एक सही व्यवस्था बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने पल्लेदारों की मांगों पर नीति बनाने के लिए 3 अक्टूबर तक का समय मांगा है। बैठक में मौजूद सभी यूनियन नेताओं ने इस पर अपनी सहमति दी। मुख्यमंत्री ने यूनियन नेताओं को भरोसा दिया
फूड एंड एलाइड वर्कर यूनियन पंजाब के प्रधान रमेश कुमार मेषी सहोता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यूनियन नेताओं को भरोसा दिया है कि सरकार उनके हक में फैसला लेगी। सीएम ने यह भी कहा कि जिन मांगों का संबंध FCI और केंद्र सरकार से है, उनके लिए वे खुद अधिकारियों व भारत सरकार के प्रतिनिधियों से बात करके मामला सुलझाने की कोशिश करेंगे। आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की
यूनियन नेताओं ने साफ किया कि अगर 3 अक्टूबर तक पल्लेदार मजदूरों की समस्याएं हल नहीं हुईं और सरकार ने कोई ठोस नीति नहीं बनाई, तो यूनियन फिर से आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद होने वाले आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। ये नेता रहे मौजूद
संघर्ष कमेटी में फूड एंड एलाइड वर्कर यूनियन पंजाब के प्रधान रमेश कुमार मेषी सहोता, फूड ग्रेन एंड एलाइड वर्कर यूनियन के महासचिव खुशी मोहम्मद, पंजाब प्रदेश पल्लेदार यूनियन के प्रधान सिंदरपाल बुडलाडा, गल्ला मजदूरी यूनियन के प्रधान हरदेव सिंह गोल्डी, एफसीआई एंड एजेंसी आजाद यूनियन के प्रधान करमदीन दियोल, कामरेड बख्तावर सिंह फाजिल्का और स्वर्ण सिंह बिट्टू अबोहर समेत कई यूनियन नेता मौजूद थे।
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जगराओं में CM मान से मिले पल्लेदार:EPF-ESI का मुद्दा उठा, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की मांग; 3 अक्टूबर तक समय मांगा
