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रतलाम के हनुमान ताल में डूबा छात्र, मौत:5 दोस्तों समेत स्कूल बंक मार तालाब पहुंचा; एंबुलेंस नहीं आई, बेसुध छात्र को लेकर दौड़े परिजन




रतलाम शहर के हनुमान ताल में गुरुवार दोपहर कक्षा 11वीं का छात्र डूब गया। वो पांच अन्य स्कूल के दोस्तों के साथ बंक मारकर तालाब पर पहुंचा था। एक बार तो वह तालाब में नहा कर बाहर आ गया लेकिन दूसरी बार पानी में जाने पर डूब गया। दोस्तों ने उसे पानी से निकालने की कोशिश की। नहीं निकाल पाए। एसडीईआरएफ भी कांटा डाल तलाशती रही। चार स्थानीय लोगों ने पानी में कूद युवक को तलाश कर बेसुध हालात में बाहर निकाला। पानी में डूबे युवक का नाम मंगलसिह (17)पिता गजराज सिंह निवासी भटूनी है। यह रतलाम शहर के गुजराती हायर सेकंडरी में कक्षा 11वीं का छात्र है। गुरुवार सुबह यह अपनी बाइक से गांव से रतलाम स्कूल के लिए पहुंचा था। लेकिन यह स्कूल नहीं गया। अपने स्कूल के दोस्त कक्षा 10वीं के छात्र विशालसिंह निवासी सनावदा, कक्षा 11वीं के छात्र पृथ्वीराजसिंह निवासी हतनारा, कक्षा 11वीं के छात्र रितीक निवासी बड़ोदिया, कक्षा 10वीं के छात्र शिवराम गुर्जर निवासी धीरज शाह नगर व कक्षा 12वीं के छात्र रोशन निवासी जड़वासा कला को लेकर स्कूल नहीं जाते हुए हनुमान ताल पहुंचा था। सुबह करीब 8.45 बजे सभी स्कूल से कुछ दूर दो बत्ती फ्रींगज चौराहे पर सभी एकत्र हुए थे। दोस्त बोला- हमें तैरना नहीं आता इसलिए नहीं उतरे
शन ने बताया कि मंगलसिंह दो बार में अपनी बाइक से हम सब को लेकर अलग-अलग लेकर तालाब लेकर गया था। दोपहर में वह तालाब में नहाने उतरा। हमें भी बोला के तुम भी नहा लो लेकिन हमें तैरना नहीं आता था इसलिए हम नहीं उतरे। वह एक बार तैर कर बाहर आ गया। लेकिन दोबारा पानी में उतरा। लेकिन बाहर नहीं आया। हमने वहां पर मौजूद कुछ लोगों को बताया फिर उनकी मदद से पानी में उतरने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मिल पाया। बाद में लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर थाना औद्योगिक क्षेत्र के सब इंस्पेक्टर ध्यानसिंह सोलंकी बल के साथ पहुंचे। सूचना मिलने पर क्षेत्रीय पार्षद पति पवन सोमानी, भाजपा मंडल अध्यक्ष मयूर पुरोहित, विवेक शर्मा, जयेश बसावा, संजय पांडे व अन्य पहुंचे। छात्रों से जानकारी ली। परिजनों ने मारा चांटा
सूचना मिलने पर पानी में डूबे छात्र के परिजन भी हनुमान ताल पहुंचे। अन्य छात्रों को गाली-गलौच कर मारपीट पर उतारू हो गए। तब वहां मौजूद भीड़ व पुलिसकर्मियों ने छात्रों को बचाते हुए पुलिस वाहन में बैठाकर अपने साथ लेकर गए। स्थानीय लोगों ने तलाशा
सूचना मिलने पर एसडीईआरएफ भी बोट लेकर पहुंची। एसडीईआरएफ के जवान बोट के सहारे पानी में उतरे। लोहे की एकड़ी वाला कांटा पानी में डालकर तलाशते रहे। लेकिन नहीं मिला। एक घंटे से अधिक समय होने पर वहां मौजूद लोगों में आक्रोश पनपने लगा। इस दौरान युवक के परिजन भी गांव से आ गए। स्कूल का टीचर भी मौके पर पर पहुंचे। एसडीईआरएफ अपने स्तर से तलाश रही थी। इस दौरान वहां घूमने आए सैलाना बस स्टैंड क्षेत्र में रहने वाले विनोद पटेल, दुर्गेश चौहान दोनों निवासी जौनपुर (यूपी) व रतलाम में सरवन से मजदूरी करने आए विनोद निनामा व रतलाम के बिरियाखेड़ी के रहने वाले गोरधन प्रजापत पानी में कूदे। पांच से 8 मिनट में छात्र को पानी में तलाश कर हाथ-पैर पकड़ कर बाहर निकाल कर लाए। एंबुलेंस भी नहीं की तैनात
सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि मौके पर एंबुलेंस भी पहले से लाकर खड़ी नहीं की गई। स्थानीय लोगों द्वारा बेसुथ हालात में छात्र को बाहर निकालने के बाद परिजन उठाकर करीब 100 मीटर तक भागते रहे। गाड़ी के लिए आवाज लगाते रहे। बाद में परिजन खुद टेवरा गाड़ी लेकर आए थे। उसमें छात्र को पहले पड़ोस के प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए। डॉक्टरों ने स्थिति देख मेडिकल कॉलेद भेजा। जहां छात्र को मृत घोषित कर दिया। क्षेत्रीय पार्षद पति पवन सोमानी ने बताया तालाब चारों तरफ से खुला है। कई बार प्रशासन को सुरक्षा को लेकर अवगत करा चुके है। लेकिन कोई ध्यान नहीं देता। छात्र के डूबने की जानकारी मिलने पर पहुंचा। महापौर को जानकारी दी। इसके बाद हम सब यहां पहुंचे। एसडीईआरएफ ने अपना प्रयास किया। लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से छात्र को बाहर निकाला जा सका।



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