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डॉक्टरों ने किया ओपीडी का बहिष्कार, अनिश्चिकालीन आंदोलन शुरू:स्टाइपेंड बढ़ाने सहित 17 सूत्रीय मांगें, तीन दिन बाद करेंगे इमरजेंसी का भी बहिष्कार




अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न, पीजी रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्टाइपेंड, वेतन-मानदेय में संशोधन समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को ओपीडी का बहिष्कार किया। डॉक्टरों ने कहा कि तीन दिनों तक ओपीडी का बहिष्कार करेंगे। डॉक्टरों ने अपनी मांगों पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में तीन दिनों बाद इमरजेंसी सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है। ओपीडी के बहिष्कार के कारण हॉस्पिटल में ओपीडी की सेवाएं नियमित डॉक्टर संभालते रहे। स्टाइपेंड बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने अगस्त में भी आंदोलन किया था। 19 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड को लेकर बैठक हुई थी। बैठक के बाद सरकार की ओर से मिले आश्वासन के आधार पर डॉक्टरों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। इमरजेंसी सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने फिर से अनिश्चिकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने दो दिनों पूर्व शांतिपूर्वक कैंडल मार्च निकाला था। गुरूवार से ओपीडी का डॉक्टरों ने बहिष्कार किया। शनिवार तक ओपीडी का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गई तो इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद भी मांगों को लेकर अब तक सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे प्रदेशभर के चिकित्सकों में नाराजगी है। शांतिपूर्ण आंदोलन, पैरलल ओपीडी OPD चलाएंगे हड़ताली जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक राठिया ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर पहले आंदोलन स्थगित किया गया था। 24 सितंबर से ओपीडी का बहिष्कार किया जा रहा है। तीन दिनों बाद इमरजेंसी सेवाओं का भी डॉक्टर बहिष्कार करेंगे। एसोसिएशन की उपाध्यक्ष नीतिशा श्रीवास्तव ने कहा कि जेआर स्टाइपेंड, पीजी स्टाइपेंड सहित बांड में संशोधन की मांगें शामिल हैं। नीतिशा श्रीवास्तव ने कहा कि हम नहीं चाहते ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से लोग परेशान हों, इसलिए शुक्रवार से पैरलल ओपीडी चलाई जाएगी। हड़ताल के साथ डॉक्टर मरीजों की जांच करेंगे। डॉक्टरों की प्रमुख मांगें जूनियर डॉक्टरों की 17 सूत्रीय मांगों में एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, पीजी रेजिडेंट, बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन व मानदेय में संशोधन प्रमुख हैं। इसके अलावा डीएम और एमसीएच सुपर-स्पेशलिटी रेजिडेंट के स्टाइपेंड में संशोधन, डॉक्टरों से जुड़ी वेतन विसंगतियों और बॉन्ड से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की मांग है। चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण की मांग भी इसमें शामिल है। स्वास्थ्य सेवाओं में दिखा असर डॉक्टरों की हड़ताल का असर पहले दिन ही स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखा। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में सिर्फ नियमित चिकित्सकों के रहने के कारण लोगों की लंबी लाइन लगी रही और मरीजों को परेशान होना पड़ा।



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