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धनबाद में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं के विरोध में गुरुवार को कतरास शहर में बंदी रखी गई। कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा ने इसका आह्वान किया था। पंचगढ़ी बाजार और भू-धंसान से प्रभावित इलाकों में भी दुकानें बंद रहीं। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर आंदोलन का समर्थन किया। मोर्चा के सदस्यों ने दावा किया कि बंदी को लोगों का अच्छा समर्थन मिला। मंगलवार को राजस्थानी समाज भवन में मोर्चा की बैठक हुई थी। इसमें भू-धंसान की समस्या को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि कतरास और आसपास के इलाकों को भू-धंसान से बचाने के लिए बीसीसीएल और सरकार को मजबूत कदम उठाने चाहिए। स्थानीय लोगों ने मांग की कि कोयला खनन वैज्ञानिक तरीके से होना चाहिए। मेगा प्रोजेक्ट और खनन से जुड़े नियम-कानून की जानकारी भी जनता को दी जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन इसकी वजह से लोगों के घर और जिंदगी खतरे में नहीं पड़नी चाहिए। मोर्चा के सदस्यों ने बताया कि आंदोलन गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बंदी के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को पूरे कोयलांचल तक ले जाया जाएगा। यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से होगा। मोर्चा ने क्षेत्र एक से 12 तक चक्काजाम करने की भी बात कही है।
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भू-धंसान के विरोध में कतरास शहर में बंदी:कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर पंचगढ़ी बाजार भी रहा बंद
