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सोनीपत के गांव किलोहड़द में ट्रिपल आईटी की तरफ जाने वाली सड़क के निर्माण में घटिया मटेरियल इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने दूसरे दिन चारपाई बिछाकर प्रोटेस्ट किया। ग्रामीणों ने सड़क की परत को हाथों से उखाड़कर मटेरियल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। पार्षद संजय बढ़वासनी और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया और आनन-फानन में सड़क तैयार कर दी गई। हाथों से उखड़ गई सड़क की परत, ग्रामीणों ने 5-6 जगह जांची ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क का निर्माण हुए अभी तीन दिन ही हुए हैं, लेकिन इसकी परत कई जगह से हाथों से ही उखड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने एक जगह नहीं, बल्कि करीब 5 से 6 स्थानों पर सड़क को उखाड़कर देखा। उनका आरोप है कि सभी जगह निर्माण में इस्तेमाल मटेरियल की स्थिति एक जैसी मिली। ग्रामीणों ने दावा किया कि लेयर बिछाने से पहले नीचे की सतह की सही तरीके से सफाई नहीं की गई और रेत के ऊपर ही मटेरियल डाल दिया गया। रोड़ी और तारकोल के इस्तेमाल पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल ग्रामीण वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में पर्याप्त रोड़ी नहीं डाली गई और तारकोल का भी सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सड़क हाथों से टूट रही है। वीरेंद्र के मुताबिक इसी मार्ग का पहले भी निर्माण हुआ था, लेकिन वह खराब गुणवत्ता के कारण ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया। उनका आरोप है कि इस बार भी निर्माण में लीपापोती की गई है। ट्रिपल आईटी और खेतों तक पहुंचने का शॉर्ट रास्ता ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क ट्रिपल आईटी की तरफ जाने का शॉर्ट रास्ता है। इसी मार्ग से आसपास के ग्रामीण अपने खेतों तक भी पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की गुणवत्ता अभी से खराब है तो बारिश के बाद इसके टूटने की आशंका और बढ़ जाएगी। उन्होंने सड़क को निर्धारित मानकों के अनुसार दोबारा बनाने की मांग की। शिकायत के बाद भी निर्माण जारी रखने का आरोप पार्षद संजय बढ़वासनी ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में घटिया मटेरियल इस्तेमाल होने की शिकायत अधिकारियों से की थी और काम रुकवाने की मांग भी की थी। इसके बावजूद ठेकेदार ने निर्माण जारी रखा। उनके अनुसार ग्रामीणों को सड़क दोबारा उखाड़कर बनाने की बात कही गई, लेकिन सड़क के दूसरे हिस्से में काम शुरू कर दिया गया और पूरा मार्ग तैयार कर दिया गया।
उखड़े हिस्से पर कैंटर से मटेरियल डालने का आरोप संजय बढ़वासनी ने आरोप लगाया कि सड़क के जिस हिस्से से मटेरियल उखड़ रहा था, वहां कैंटर से तैयार मटेरियल लाकर डालने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो कैंटर मौके से चला गया। पार्षद का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता की शिकायत सामने आने के बावजूद काम को रोककर उसकी जांच नहीं कराई गई। अधिकारियों-ठेकेदार की मिलीभगत का लगाया आरोप संजय बढ़वासनी ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत तथा कमीशनखोरी के कारण घटिया स्तर का काम कराया गया। उन्होंने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि खराब सड़क बनने के बाद दोबारा निर्माण के लिए टेंडर की स्थिति बनती है। पार्षद ने कहा कि वह पूरे मामले की मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंचने की चेतावनी पार्षद संजय बढ़वासनी ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वह अधिकारियों के दरवाजे पर गधे और सांड लेकर पहुंचेंगे। ग्रामीणों ने भी पीडब्ल्यूडी विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क को गुणवत्ता के मानकों के अनुसार बनाने की मांग की। एसडीओ ने फोन नहीं उठाया मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी के एसडीओ राकेश कुमार से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों और पार्षद की ओर से लगाए गए आरोपों पर विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
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ट्रिपल आईटी रोड निर्माण को लेकर ग्रामीणों का प्रोटेस्ट:सड़क पर चारपाई बिछाकर बैठै; हाथों से उखाड़ी परत, PWD अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप
