![]()
महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को विद्या भारती की ओर से देशभर में ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी क्रम में रेवदर तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में सुबह 11 बजे एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। विद्यार्थियों ने पूरे मनोयोग से प्रस्तुत किया राष्ट्रगीत कार्यक्रम में खंड विस्तारक कमलेश, उपाध्यक्ष पूनम सिंह सोलंकी और प्रधानाचार्य प्रवीण रावल विशेष रूप से मौजूद रहे। अतिथियों की मौजूदगी में विद्यार्थियों ने पूरे मनोयोग और उत्साह के साथ राष्ट्रगीत का गायन किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह स्वाधीनता संग्राम से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रगीत रहा है। उन्होंने कहा कि इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान युवाओं में देश के लिए समर्पण की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 71 स्थानों पर हुआ सामूहिक वंदे मातरम् गायन संकुल प्रभारी एवं प्रधानाचार्य प्रवीण रावल ने बताया कि राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत रेवदर क्षेत्र में कुल 71 स्थानों पर वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। इन सभी स्थानों पर कुल 16 हजार 833 विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने बताया कि विद्या भारती के छह स्कूलों के 2 हजार 700 विद्यार्थियों के साथ क्षेत्र के अन्य 65 स्कूलों के 14 हजार 133 विद्यार्थियों ने भी आयोजन में सहभागिता निभाई। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन कर कार्यक्रम में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
Source link
16 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने गाया वंदे मातरम:71 स्थानों पर हुआ सामूहिक गायन, राष्ट्रगीत के 150 साल पूरे होने पर किए गए कार्यक्रम
