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फाजिल्का में डॉक्टर लापता हो गया। वह रविवार रात एक मरीज को दवा देने के लिए बाइक से घर से निकला था। रात को पत्नी से फोन पर उसने कहा था कि एक घंटे में घर लौट आएगा, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। परिजन रातभर उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह उसकी बाइक और दवाइयों से भरा बैग नहर के किनारे मिला। इससे उसके नहर में गिरने या कूदने की आशंका जताई जा रही है। आशंका के चलते नहर में डॉक्टर की तलाश के लिए गोताखोरों को लगाया गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। लापता डॉक्टर की पहचान गांव रामपुरा नरैणपुरा निवासी अजय कुमार के रूप में हुई है। अजय कुमार रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (RMP) डॉक्टर थे और स्थानीय स्तर पर मरीजों को इलाज और दवा देते थे। रात 10 बजे मरीज देखने के लिए निकले
परिजनों के अनुसार, रविवार रात करीब 10 बजे अजय कुमार को गांव मालारामपुरा से किसी मरीज का फोन आया था। मरीज को दवा देने की बात कहकर वह बाइक से घर से निकला था। रात करीब 11 बजे परिजनों की अजय से फोन पर बात हुई। अजय ने कहा था कि काम निपटाने के बाद घर लौटने में करीब एक घंटा और लगेगा। देर रात फोन हुआ स्विच ऑफ
रात करीब 1:30 बजे तक अजय घर नहीं पहुंचा तो उसकी पत्नी ने परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी दी। मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद परिजनों ने रातभर आसपास के इलाकों और संभावित रास्तों पर उसकी तलाश की। सुबह नहर के पुल पर मिली बाइक और बैग
सोमवार सुबह गांव भगतपुरा के पास नहर के पुल पर ग्रामीणों को लावारिस बाइक और दवाइयों का बैग मिला। ग्रामीणों ने अजय के परिजनों को सूचना दी। इस पर परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि ये सामान अजय का है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। गोताखोरों ने नहर में शुरू की तलाश
बाइक और बैग नहर किनारे मिलने के बाद अजय के नहर में गिरने या कूदने की आशंका जताई गई। इसके चलते गोताखोरों की मदद से नहर में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। अजय कुमार दो भाइयों में छोटा है। उसकी 6 साल की बेटी है।
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एक घंटे में घर आ जाऊंगा कहकर लापता हुआ डॉक्टर:अबोहर में मरीज को दवाई देने निकला, नहर किनारे बाइक और बैग मिला
