![]()
राजधानी के शहरी इलाके में पहली बार तेंदुए की मौजूदगी से कटारा हिल्स क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वार्ड नंबर 55 के लाहरपुर स्थित इकोलॉजिकल पार्क के आसपास जंगल में तेंदुए का मूवमेंट सामने आने के बाद वन विभाग की टीमें दो दिन से 20-25 किमी के दायरे में सर्चिंग कर रही हैं। हालांकि, अब तक तेंदुए की लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी है। रात में उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 10 से 12 स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इकोलॉजिकल पार्क में मॉर्निंग और इवनिंग वॉक पर रोक लगा दी गई है। आसपास के रहवासी क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी किया गया है। वन विभाग की टीमें ग्रामीणों के साथ अलग-अलग हिस्सों में सर्चिंग कर रही हैं। गांवों में मुनादी कराकर लोगों को रात के समय विशेष सावधानी बरतने और तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है। सोसायटियों में मैसेज भेजकर लोगों को किया अलर्ट अरविंद विहार रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजीव दीक्षित ने बताया कि सोसायटी के सदस्यों से पार्क की ओर नहीं जाने और रात में बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने के लिए कहा गया है। आसपास की सोसायटियों में वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए भी लगातार जानकारी साझा की जा रही है। पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों से भी स्थिति का अपडेट लिया जा रहा है। लाहरपुर निवासी जितेंद्र परमार ने बताया कि तेंदुए के मूवमेंट की जानकारी के बाद दो दिनों से लोगों में डर बना हुआ है। लोग रात में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। पार्क में आवाजाही बंद होने से भी लोगों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंता है। रात में पार्क के पीछे के हिस्से में न जाने की हिदायत वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से खासतौर पर रात में इकोलॉजिकल पार्क के पीछे के हिस्से में नहीं जाने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद लगातार निगरानी की जा रही है। ट्रैप कैमरों से मिलने वाले फुटेज और अन्य संकेतों के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकेशन मिलते ही उसी आधार पर होगी आगे की कार्रवाई समरधा रेंज के रेंजर दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि तेंदुए की तलाश के लिए वन विभाग की टीमें अलग-अलग हिस्सों में निगरानी कर रही हैं। रहवासी इलाकों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है, ताकि कोई तेंदुए के करीब जाने या उसका पीछा करने का प्रयास न करे। रेस्क्यू टीम को भी निगरानी में लगाया गया है। तेंदुए की सटीक लोकेशन मिलने के बाद परिस्थितियों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखना है। केरवा-कलियासोत में पहले से बाघों की मौजूदगी शहर से सटे केरवा, कलियासोत, मेंडोरा, 13 शटर और दानिश पहाड़ी क्षेत्र में पहले से बाघ-बाघिन की गतिविधियां सामने आती रही हैं। यहां बाघिन के साथ शावकों को भी देखा जा चुका है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार इन क्षेत्रों में वन विभाग ट्रैप कैमरों के जरिए वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखता है और कैमरों से मिले मूवमेंट के आधार पर गश्ती दल निगरानी करता है।
Source link
पहली बार शहर तक पहुंचा तेंदुआ:कटारा हिल्स में दो दिन से दहशत, 0-12 जगह ट्रैप कैमरे, लाहरपुर इकोलॉजिकल पार्क में वॉकिंग पर रोक
