Headlines

मेयर मेहता बोले- कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कर रही बदनाम:कहा- चुनाव में हार से विचलित हुई कांग्रेस, मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप गलत




जोधपुर महापौर पद का दायित्व संभालने के बाद प्रसन्न चंद मेहता ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस को कई मुद्दों घेरने का प्रयास किया। मेहता ने कहा- कांग्रेस पर देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- कांग्रेस जब भी चुनाव में हार से विचलित होती है, तब संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर उनकी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती है। मेहता ने कहा- कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त पर अनर्गल आरोप लगाए गए। तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद होने का भ्रम फैलाने और SIR की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए गए। उन्होंने कहा- एसआईआर की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर लग चुकी है। इसके बावजूद कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए। महापौर ने कहा- कांग्रेस कई बार चुनाव आयोग के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों पर भी सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि जनता की अदालत में हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी मेहता ने कहा- पार्टी के निर्देश पर भाजपा कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर कांग्रेस की गतिविधियों और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े तथ्यों की जानकारी देने का दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट में भी पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की गई है। महापौर ने दावा किया कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस की ओर से लगाए गए कई आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है। उन्होंने कहा- कांग्रेस का उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना है, जबकि लोकतंत्र में इन संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। निर्वाचन आयोग की ओर से विशेष कैंप का आयोजन प्रसन्न चंद मेहता ने कहा- पात्र मतदाताओं की भागीदारी के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों तक पहुंचने के साथ-साथ छूटे हुए मतदाताओं के घर-घर जाकर बीएलओ द्वारा फॉर्म एकत्र किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा- मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने और पात्र मतदाताओं को जोड़ने के इन प्रयासों पर तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *