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38 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा
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हमारे शरीर में अरबों कोशिकाएं हैं। हर कोशिका को ठीक से काम करने के लिए प्रोटीन चाहिए। प्रोटीन शरीर में अनगिनत काम करता है। मसल्स बनाता है, डैमेज्ड टिश्यूज को रिपेयर करता है, हार्मोन-एंजाइम बनाता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाता है। यही वजह है कि प्रोटीन शरीर का सबसे अहम कंपोनेंट है।
मांसाहारी लोगों के लिए तो लीन प्रोटीन के ढेरों ऑप्शन हैं। लेकिन अकसर ये सवाल उठता है कि शाकाहारियों को अच्छा और पर्याप्त प्रोटीन कैसे मिले।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में शाकाहारियों के लिए प्रोटीन ऑप्शंस की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- एक स्वस्थ शरीर को रोज कितने प्रोटीन की जरूरत होती है?
- प्रोटीन की डेली जरूरत को पूरा करने के लिए वेजिटेरियन थाली में क्या शामिल करें?
एक्सपर्ट- डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’
सवाल- शरीर के लिए प्रोटीन क्यों जरूरी है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- प्रोटीन शरीर के सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह शरीर के बिल्डिंग ब्लॉक की तरह काम करता है।
- शरीर की हर कोशिका में प्रोटीन मौजूद होता है।
- ऑर्गन्स से लेकर हार्मोन, एंजाइम और एंटीबॉडी बनाने तक, प्रोटीन शरीर की लगभग हर जरूरी प्रक्रिया में शामिल है।
- यही वजह है कि वैज्ञानिक प्रोटीन को शरीर का ‘वर्कहॉर्स’ यानी सबसे मेहनती तत्व कहते हैं।
ग्राफिक में प्रोटीन के 10 जरूरी काम देखिए-

सवाल- एक स्वस्थ व्यक्ति को रोज कितने प्रोटीन की जरूरत होती है?
जवाब- इसकी जरूरत उम्र और शरीर के वजन पर निर्भर करती है। ICMR और NIN (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन) के मुताबिक, एक स्वस्थ वयस्क को डेली पर 0.83 ग्राम पर kg बॉडीवेट प्रोटीन की जरूरत होती है। यानी अगर किसी का बॉडीवेट 60kg है तो उसे रोज करीब 50 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- कैसे पहचानें कि शरीर में प्रोटीन की कमी है?
जवाब- प्रोटीन की कमी का असर मसल्स, स्किन, बाल, इम्यूनिटी और एनर्जी लेवल पर पड़ता है। प्रोटीन डेफिशिएंसी के सभी संकेत ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या वेजिटेरियन लोगों में हमेशा प्रोटीन की कमी होती है?
जवाब- नहीं, अगर डाइट बैलेंस्ड है तो शाकाहारी लोग भी अपनी प्रोटीन की डेली जरूरत पूरी कर सकते हैं। इसे ऐसे समझिए-
- प्रोटीन छोटे-छोटे अमीनो एसिड से मिलकर बना होता है।
- शरीर को कुल 20 तरह के अमीनो एसिड की जरूरत होती है।
- इनमें 9 एसेंशियल अमीनो एसिड ऐसे हैं, जिन्हें शरीर खुद नहीं बना सकता। इसलिए इन्हें भोजन से लेना जरूरी होता है।
- अंडा, चिकन और मछली जैसे नॉन-वेज फूड्स में सभी 9 एसेंशियल अमीनो एसिड पर्याप्त मात्रा में होते हैं।
- वहीं कई वेजिटेरियन फूड आइटम्स में इनमें से कुछ अमीनो एसिड अपेक्षाकृत कम होते हैं।
- लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि शाकाहारियों में प्रोटीन की कमी होना तय है।
- दाल, अनाज, सोया और डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे वेरायटी प्रोटीन सोर्स से शरीर की प्रोटीन की जरूरत पूरी की जा सकती है।

सवाल- शाकाहारियों के लिए प्रोटीन के 10 बेस्ट सोर्स कौन-से हैं?
जवाब- दाल, सोया, दूध, मटर और नट्स जैसी चीजें डाइट में शामिल करके प्रोटीन की जरूरत आसानी से पूरी कर सकते हैं। ग्राफिक में प्रोटीन के बेस्ट सोर्स देखिए-

सवाल- क्या इन सभी सोर्सेज से मिलने वाले प्रोटीन एक जैसे होते हैं?
जवाब- नहीं, प्रोटीन की क्वालिटी इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें जरूरी अमीनो एसिड कितनी मात्रा में हैं। शरीर उसे कितनी अच्छी तरह पचा व इस्तेमाल कर पा रहा है।
- दूध, दही, पनीर और सोया का प्रोटीन अपेक्षाकृत हाई क्वालिटी का माना जाता है।
- इनमें जरूरी अमीनो एसिड का संतुलन अच्छा होता है और इनका अवशोषण भी बेहतर होता है।
- दाल, चना, राजमा और अन्य बीन्स भी प्रोटीन के अच्छे सोर्स हैं। लेकिन इनमें कुछ अमीनो एसिड अपेक्षाकृत सीमित हो सकते हैं।
- इनमें मौजूद फाइबर व कुछ नेचुरल कंपाउंड पाचन को प्रभावित कर सकते हैं।
- मूंगफली, बादाम और अन्य नट्स प्रोटीन के साथ हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स भी देते हैं। इसलिए इन्हें केवल प्रोटीन सोर्स के रूप में नहीं देखा जाता।
सवाल- कंप्लीट प्रोटीन क्या होता है?
जवाब- कुछ खाद्य पदार्थ शरीर को प्रोटीन बनाने के लिए एक साथ सभी जरूरी अमीनो एसिड देते हैं। इन्हें ‘कंप्लीट प्रोटीन’ कहा जाता है। दूध और दही इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
सवाल- किस दाल में सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है?
जवाब- सभी दालों में प्रोटीन होता है। लेकिन उनकी मात्रा अलग-अलग होती है। किस दाल में कितना प्रोटीन होता है, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- 60 ग्राम डेली प्रोटीन के लिए एक वेजिटेरियन थाली में कौन-सी चीजें शामिल करें?
जवाब- एक सामान्य शाकाहारी व्यक्ति बिना प्रोटीन पाउडर, अंडा या चिकन के भी दिन भर की डाइट से करीब 60 ग्राम प्रोटीन प्राप्त कर सकता है। इसके लिए हर मील में एक प्रोटीन सोर्स शामिल करना जरूरी है।
वेजिटेरियन थाली
नाश्ता
- 1 गिलास दूध = 8 ग्राम
- 2 बेसन चीला = 6-7 ग्राम
कुल: लगभग 15 ग्राम
दोपहर का खाना
- 2 रोटी = 6 ग्राम
- 1 कटोरी दाल = 6 ग्राम
- 1 कटोरी दही = 7 ग्राम
कुल: लगभग 19 ग्राम
शाम का स्नैक
- भुना चना (30g) = 6 ग्राम
- 1 गिलास दूध = 8 ग्राम
कुल: लगभग 14 ग्राम
डिनर
- 2 रोटी = 6 ग्राम
- पनीर की सब्जी (100 ग्राम) = 18 ग्राम
कुल: लगभग 24 ग्राम
दिनभर का कुल प्रोटीन: करीब 60-70 ग्राम
सवाल- उम्र बढ़ने के साथ प्रोटीन की जरूरत क्यों बढ़ सकती है?
जवाब- बढ़ती उम्र के साथ शरीर में मसल मास और स्ट्रेंथ धीरे-धीरे कम होने लगती है। इस प्रक्रिया को ‘सार्कोपीनिया’ कहते हैं।
साथ ही उम्र बढ़ने पर शरीर प्रोटीन का उपयोग पहले जितनी कुशलता से नहीं कर पाता। इसलिए मांसपेशियों, हड्डियों और शारीरिक क्षमता को बनाए रखने के लिए प्रोटीन की जरूरत बढ़ सकती है।
सवाल- क्या डाइट में सिर्फ प्रोटीन खाना सही है?
जवाब- नहीं, शरीर को सिर्फ प्रोटीन नहीं, बल्कि कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर की भी जरूरत होती है। अगर डाइट में सिर्फ प्रोटीन लेते हैं और दूसरे पोषक तत्वों की अनदेखी करते हैं तो इसका सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
सवाल- बैलेंस्ड प्रोटीन के अलावा हेल्दी रहने के लिए और क्या चीजें जरूरी हैं?
जवाब- शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त पानी, कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट, फाइबर और विटामिन-मिनरल्स के साथ नियमित व्यायाम और अच्छी नींद भी जरूरी है।

सवाल- क्या बहुत ज्यादा प्रोटीन लेने के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं?
जवाब- हां, प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से कुछ लोगों को हेल्थ इश्यूज हो सकते हैं। ज्यादा प्रोटीन लेने के सभी संभावित साइड इफेक्ट्स ग्राफिक में देखिए-

प्रोटीन शरीर के लिए उतना ही जरूरी है, जितना कार के लिए इंजन। यह सिर्फ एक मिथक है कि शाकाहारी लोगों में प्रोटीन की डेली जरूरत पूरी नहीं की जा सकती है। हालांकि, सिर्फ प्रोटीन पर फोकस करने की बजाय संतुलित और विविध आहार लेना ज्यादा जरूरी है, ताकि शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल सकें।
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ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा
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