![]()
“मैं 50 साल से भजन गा रहा हूं, 5 हजार से ज्यादा भजन रिकॉर्ड किए, लेकिन जो प्रसिद्धि गायक सुनील लोधी को ‘हनुमत अंश’ मूवी के सिर्फ एक भजन से मिली, इसे कहते हैं ईश्वर की कृपा; भगवान की कृपा के आगे किसी का कुछ नहीं चलता।” यह बात सुप्रसिद्ध भजन सम्राट अनूप जलोटा ने बरेली में आयोजित ‘खत्री जाति रत्न’ सम्मान समारोह के दौरान कही। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज देश में भजनों का स्वरूप और दायरा अप्रत्याशित रूप से बढ़ चुका है—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर आज की युवा पीढ़ी (Gen-Z) तक भजनों को आत्मसात कर रही है और युवाओं में भजन क्लबिंग व जैमिंग का नया उत्साह और क्रेज देखने को मिल रहा है। नाथ नगरी के रमाडा होटल में आयोजित इस समारोह में अनूप जलोटा ने न सिर्फ सुनील लोधी के भजन की पंक्तियां गाकर सबका दिल जीता, बल्कि खत्री समाज के गौरवशाली इतिहास पर बात की और बरेली से अपने पुराने रिश्ते व झुमके का भी जिक्र किया। साथ ही इस कार्यक्रम में समाज की प्रमुख विभूतियों को ‘खत्री जाति रत्न’ से अलंकृत किया गया। पेश है विस्तृत रिपोर्ट: मंच से गाया ‘हनुमत अंश’ का भजन, सुनील लोधी की प्रतिभा को सराहा
रमाडा होटल में आयोजित समारोह के दौरान अनूप जलोटा ने जैसे ही माइक थामा, उन्होंने फिल्म ‘हनुमत अंश’ के सुपरहिट भजन की पंक्तियां गुनगुनाईं— “मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दई…”। सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
इसके तुरंत बाद उन्होंने इस भजन के मूल गायक सुनील लोधी की तारीफ करते हुए कहा, “मैं पिछले 50 वर्षों से संगीत साधना में हूं और 5,000 भजन रिकॉर्ड कर चुका हूं। लेकिन जब भगवान की विशेष कृपा होती है, तो सुनील लोधी ने एक भजन गाया और वे हमसे आगे निकल गए। इसे ही सच्ची ईश्वरीय कृपा कहते हैं।” उन्होंने युवाओं और कलाकारों को संदेश देते हुए कहा कि फल की चिंता छोड़कर नतमस्तक होकर निष्काम भाव से कर्म करते रहें, प्रभु की कृपा होगी तो नाम अपने आप रोशन हो जाएगा। इसके बाद उन्होंने अपना सुप्रसिद्ध भजन “ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन…” सुनाकर पूरे माहौल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। खत्री जाति त्याग, ज्ञान और सेवा की प्रतीक
कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान अनूप जलोटा ने खत्री समाज के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खत्री मूल रूप से क्षत्रिय परंपरा से जुड़े हुए हैं। सिखों के दसों गुरु क्षत्रिय व खत्री परंपरा से रहे, जिनके भीतर अपार ज्ञान, त्याग और सेवा का भाव विद्यमान था।
उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों के बड़े बलिदानों (सैक्रिफाइस) और तपस्या के कारण ही आज यह समाज दुनिया भर में इतना सुदृढ़ और प्रतिष्ठित स्थान रखता है। समाज के लोगों को चाहिए कि वे अपने इस गौरव को बनाए रखें और जीवन में व्यापार व करियर के साथ-साथ जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अनूप जलोटा ने कहा कि वे मुंबई में रहते हैं, जहां खत्री समाज का ऐसा संगठित और जीवंत स्वरूप कम देखने को मिलता है, जबकि बरेली में समाज की एकजुटता और सक्रियता बेहद सराहनीय है। दैनिक भास्कर से बातचीत: बरेली का केन फर्नीचर, झुमका और पारिवारिक नाता
दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में अनूप जलोटा ने शहर से अपने जुड़ाव के कई अनूठे पहलू साझा किए। उन्होंने कहा कि बरेली साहित्य और संस्कृति की धरती है, जहां पंडित राधेश्याम जैसी विभूतियों ने कार्य किया, इसलिए यह शहर स्वतः ही वंदनीय बन जाता है।
उन्होंने कहा, “हम संगीत के क्षेत्र से जुड़े हैं, तो बरेली का नाम आते ही ‘झुमका गिरा रे बरेली के बाजार में’ कैसे भूल सकते हैं! इसके अलावा बरेली का केन फर्नीचर बहुत प्रसिद्ध है, जिसे हम मुंबई में अपने घर में भी उपयोग करते हैं।” उन्होंने एक पारिवारिक राज साझा करते हुए बताया कि उनकी सगी बहन रीता का विवाह बरेली में ही विनोद कपूर के साथ हुआ है, जिस कारण बरेली से उनका केवल कलात्मक ही नहीं, बल्कि आत्मीय और पारिवारिक रिश्ता भी है।
भजनों के मौजूदा दौर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भजन कभी पुराने नहीं होते। आज प्रधानमंत्री मोदी खुद भजनों में शामिल होते हैं और युवा पीढ़ी इसे नए अंदाज में क्लबिंग व जैमिंग के जरिए अपना रही है, जो भारतीय सनातन संगीत के लिए एक सुखद संकेत है। समारोह में तीन हस्तियां ‘खत्री जाति रत्न’ से सम्मानित
समस्त खत्री सभा द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में देश की तीन प्रमुख विभूतियों को ‘खत्री जाति रत्न’ सम्मान देने की घोषणा की गई। इनमें महाराष्ट्र से भजन सम्राट अनूप जलोटा और बरेली से श्री सिद्धि विनायक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन अनुपम कपूर को सम्मानित किया गया। नई दिल्ली से पद्म विभूषण डॉ. अशोक सेठ व्यक्तिगत कारणों से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अनुपम कपूर ने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरी बरेली की जनता और खत्री समाज का सम्मान है। राजनीति में हिस्सेदारी की मांग: अनंत अरोड़ा
महासभा के अध्यक्ष अनंत अरोड़ा ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि “जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी भागीदारी”। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब खत्री समाज राजनीति में भी अपनी सशक्त भागीदारी चाहता है। इसके लिए वे जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बरेली शहर की विधानसभा सीट पर समाज के प्रतिनिधि के लिए टिकट की मांग करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा और अमृतसर से आए सुनील खन्ना ने खत्री जाति के इतिहास पर व्याख्यान दिया। सभा द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले गणमान्य व्यक्तियों और शहर के प्रमुख मंदिरों के अध्यक्षों का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर संजय आनंद, अमित अरोड़ा, सुमन साहनी, मनीषा आहूजा, डॉ. के.एम. अरोड़ा, शिक्षाविद गुरु मेहरोत्रा, सरदार ज्ञानी काल सिंह, सरदार एमपी सिंह, मंजीत सिंह नागपाल, सरदार परमजीत सिंह ओबरॉय, कार्यक्रम संयोजक सौरव मेहरोत्रा, अनमोल कपूर, अतुल कपूर, मोहित मेहरोत्रा, डॉ. सोमेश मेहरोत्रा, डॉ. सुमित टंडन, सीए विशाल अरोड़ा, गुलशन आनंद, रुचि कपूर, सौम्या मेहरोत्रा, कोमल कपूर, शिखा मेहरोत्रा, रोहित भसीन, हरि कपूर और बबली मेहरोत्रा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन व्यापारी नेता व सहसंयोजक विशाल मेहरोत्रा ने किया।
Source link
सुनील लोधी के एक भजन ने किया कमाल: अनूप जलोटा:मैं 50 साल में 5 हजार भजन गाकर भी आगे नहीं निकल सका, यह ईश्वर कृपा
