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नालंदा के 2440 स्कूलों का बदलेगा स्वरूप:प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के लिए 10.46 करोड़ मंजूर; रंग-रोगन और मरम्मती का काम होगा




नालंदा समेत बिहार के सरकारी स्कूलों की टूटी-फूटी इमारतों, बदहाल शौचालयों और अधूरी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा विभाग ने व्यापक खाका तैयार कर लिया है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी विद्यालयों को कंपोजिट स्कूल ग्रांट की स्वीकृत राशि जारी कर दी है। इसके साथ ही सूबे के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का औपचारिक आगाज कर दिया गया है। राज्य परियोजना निदेशक धर्मेंद्र कुमार ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर राशि खर्च करने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों को मिले 372 करोड़ रुपए यू-डायस पोर्टल पर दर्ज विद्यालयवार छात्र नामांकन के आधार पर भारत सरकार ने राज्य के कुल 76 हजार से अधिक विद्यालयों के लिए 372.24 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। इसमें कक्षा आठ तक के 66 हजार 799 प्रारंभिक विद्यालयों के लिए 305.43 करोड़ रुपए और 9 हजार 312 उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 66.81 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। राशि के सदुपयोग और योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए प्रखंडों को व्यय एजेंसी बनाया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर निगरानी और कार्यों का त्वरित निष्पादन संभव हो सकेगा। मिशन मोड में दुरुस्त होंगी आधारभूत सुविधाएं इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों की पहले से मौजूद परिसंपत्तियों का उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और आवश्यक मरम्मत कार्य कराना है। अभियान के तहत चार प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता पर रखा गया है, जिसमें विद्यालय भवनों व वर्ग-कक्षों की आवश्यक मरम्मत और रंग-रोगन, मध्याह्न भोजन से जुड़े किचन शेड का रख-रखाव, छात्र-छात्राओं के शौचालयों की मिशन मोड में सघन सफाई व मरम्मत, तथा परिसर में शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को पूरी तरह क्रियाशील बनाना शामिल है। गयाजी जिले को सर्वाधिक तो शेखपुरा को मिला सबसे कम बजट जिलों को मिले बजट के वितरण पर नजर डालें तो प्राथमिक स्तर पर गयाजी जिले के 3,067 स्कूलों के लिए सर्वाधिक 13.48 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि पूर्वी चंपारण को 14.99 करोड़ और मुजफ्फरपुर को 14.19 करोड़ रुपए की बड़ी हिस्सेदारी मिली है। दूसरी ओर, कम विद्यालयों की संख्या के चलते शेखपुरा के 474 स्कूलों को 2.25 करोड़ और शिवहर के 375 स्कूलों को 2.01 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। वहीं, नालंदा जिले के 2,157 प्राथमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए 8.45 करोड़ रुपए और 283 माध्यमिक विद्यालयों के लिए 2.01 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्धारित समय में सभी कार्य पूरे कराए जाएं।



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