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कांगड़ा प्रशासन की 22 सदस्यीय टीम ने बैजनाथ की मुल्थान तहसील में 14 किलोमीटर का कठिन ट्रैक पैदल तय कर ग्लेशियर झील का निरीक्षण किया। डीसी हेमराज बैरवा और एसडीएम संकल्प गौतम ने टीम की अगुवाई की। टीम ग्राम पंचायत पोलिंग से रविवार को डाइनसर पहुंची। टीम ने झील के जलस्तर आसपास के पहाड़ी क्षेत्र, पानी की निकासी और बहाव की दिशा का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह भी देखा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में निचले क्षेत्रों पर क्या असर हो सकता है। अभी झील से तत्काल खतरे के संकेत नहीं
डीसी हेमराज बैरवा ने बताया कि अभी झील से तत्काल खतरे के संकेत नहीं हैं। हालांकि यह क्षेत्र संवेदनशील है, इसलिए एहतियाती तैयारी जरूरी है। झील पर अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) लगाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। लोहारडी जैसे निचले क्षेत्रों में मॉक ड्रिल कराएगा
प्रशासन पोलिंग, चेरना और लोहारडी जैसे निचले क्षेत्रों में मॉक ड्रिल कराएगा। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने और बचाव दल से समन्वय की जानकारी दी जाएगी। निरीक्षण में तहसीलदार हरीश, डीडीएमए प्रतिनिधि कुलदीप सिंह और माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट के जितेंद्र समेत 22 सदस्य शामिल रहे।
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कांगड़ा प्रशासन 14 किमी ट्रैक कर ग्लेशियर झील पहुंचा:DC बोले- अभी खतरा नहीं, अर्ली वार्निंग सिस्टम लगेगा; मॉक ड्रिल भी होगी
