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पन्ना जिले के पवई विधानसभा अंतर्गत ग्राम बछौन के ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और वन विभाग के रवैये के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार (बृजपुर) राजेश सोनी को ज्ञापन सौंपकर सलेहा वन परिक्षेत्र के अमले पर प्रताड़ना, जबरन कब्जा करने और पुरखों की जमीन से बेदखल करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे ग्राम बछौन की आराजी नंबर 48 (लगभग 31.74 एकड़) और आसपास की जमीन पर कई पीढ़ियों से खेती करते आ रहे हैं, जो उनकी आजीविका का एकमात्र जरिया है। किसानों के औजार छीने, हल-बखर काटे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब वे खेतों में जुताई करने जाते हैं, तो वन विभाग का अमला उन्हें डराता-धमकाता है। किसानों के हल-बखर काट दिए जाते हैं और औजार छीन लिए जाते हैं। पीड़ित किसान महीपाल सिंह ने बताया कि पट्टे होने के बावजूद वन विभाग अचानक आकर जमीन पर अपना हक जता रहा है और जबरन प्लांटेशन (पौधारोपण) करवा रहा है। खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से गरीब आदिवासियों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है। सपा जिलाध्यक्ष बोले- ‘आदिवासियों पर अत्याचार बंद हो’ मामले में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जयराम यादव ने किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि बछौन के आदिवासी और पिछड़े वर्ग के किसान पीढ़ियों से यहां काबिज हैं। पट्टे होने के बावजूद सलेहा रेंज के अधिकारी तानाशाही पर आमादा हैं। किसानों ने ज्ञापन में रखीं मुख्य मांगें सलेहा वन परिक्षेत्र के अधिकारियों की किसानों पर की जा रही मनमानी और प्रताड़ना तुरंत बंद हो। राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर जमीन का सही स्थल निरीक्षण करे। वर्षों से काबिज पात्र किसानों को भूमि का कानूनी पट्टा आवंटित किया जाए।
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पन्ना में आदिवासी बोले- वन विभाग जबरन पौधारोपण कर रहा:खेती छीनकर भुखमरी की कगार पर पहुंचाया, जमीन के पट्टे दिए जाए
