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चंडीगढ़ फूड सेफ्टी विभाग नकली पनीर के इस्तेमाल को लेकर एक्शन में।
चंडीगढ़ में खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने और लोगों को खाने में इस्तेमाल होने वाले पनीर की सही जानकारी देने के लिए चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (FSA) ने सभी फूड बिजनेस संचालकों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।
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अब होटल, रेस्तरां, फास्ट-फूड आउटलेट, ढाबे, मिठाई की दुकानें, कैटरर्स और अन्य खाने-पीने के प्रतिष्ठानों को साफ बताना होगा कि उनके यहां तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों में किस प्रकार का पनीर या पनीर जैसा उत्पाद इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसके लिए प्रतिष्ठानों को अपने मेन्यू कार्ड या रेट लिस्ट में पनीर का प्रकार लिखना होगा। इसके साथ ही परिसर में ऐसी जगह पर बोर्ड भी लगाना होगा, जहां ग्राहक उसे आसानी से देख सकें।
4 तरह के पनीर की जानकारी देनी होगी
फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक बाजार में अलग-अलग प्रकार के पनीर और पनीर जैसे उत्पाद उपलब्ध हैं। इनमें स्टैंडर्ड पनीर, मीडियम-फैट पनीर, लो-फैट पनीर और डेयरी एनालॉग शामिल हैं। डेयरी एनालॉग में वेजिटेबल फैट का इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए ग्राहकों को यह स्पष्ट रूप से बताया जाना जरूरी होगा कि उनके खाने में किस प्रकार का उत्पाद इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रतिष्ठानों को मेन्यू और डिस्प्ले बोर्ड पर स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वे स्टैंडर्ड पनीर, मीडियम-फैट पनीर, लो-फैट पनीर या वेजिटेबल फैट वाला डेयरी एनालॉग इस्तेमाल कर रहे हैं।
पनीर-मिल्क कहां से खरीदा रिकॉर्ड रखना होगा
FSA ने खाद्य कारोबारियों को पनीर, दूध और अन्य कच्चा माल केवल FSSAI से लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत सप्लायर, निर्माता और डिस्ट्रीब्यूटर से खरीदने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कारोबारियों को खरीद से संबंधित बिल और इनवॉइस भी सुरक्षित रखने होंगे। इन दस्तावेजों में बैच नंबर, निर्माण की तारीख, बेस्ट-बिफोर तारीख और सप्लायर का FSSAI लाइसेंस नंबर दर्ज होना चाहिए।
फूड सेफ्टी अधिकारी निरीक्षण के दौरान इन दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं। इसलिए कारोबारियों को खरीद का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रखना होगा।
नियम नहीं माने तो सैंपलिंग से लेकर कार्रवाई तक
FSA ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें खाद्य पदार्थों के सैंपल लेना, सामान जब्त करना, इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी करना और अभियोजन की कार्रवाई शामिल हो सकती है। इसलिए शहर के सभी खाद्य कारोबारियों को पनीर और अन्य दूध से बने उत्पादों की खरीद और इस्तेमाल से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने होंगे।
लोगों से भी मिलावट की सूचना देने की अपील
फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन ने शहरवासियों से भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने लोगों से कहा है कि यदि उन्हें घटिया या असुरक्षित दूध उत्पाद या अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण, बिक्री या सप्लाई की जानकारी मिलती है तो इसकी शिकायत करें।
शिकायत डिजिग्नेटेड ऑफिसर, फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन, गवर्नमेंट मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर-16, चंडीगढ़ में की जा सकती है। इसके अलावा फूड सेफ्टी इमरजेंसी हेल्पलाइन 0172-2782457 पर भी सूचना दी जा सकती है।
लोग FSSAI के कंज्यूमर ग्रीवांस पोर्टल और Food Safety Connect ऐप के जरिए भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह ऐप Apple App Store और Google Play Store पर उपलब्ध है।
