Headlines

Chanakya Niti: 3 Habits To Avoid For A Happy And Successful Life


27 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति नाम का एक ग्रंथ रचा था। इस ग्रंथ में जीवन को सुखी और सफल बनाने वाली नीतियां बताई गई हैं। इस ग्रंथ के पहले अध्याय की चौथी नीति में आचार्य चाणक्य ने 3 ऐसे काम बताए हैं, जिनकी वजह से जीवन में परेशानियां बनी रहती हैं, जो लोग सुख चाहते हैं, उन्हें इन कामों से बचना चाहिए…

चाणक्य कहते हैं कि मूर्ख व्यक्ति को बार-बार समझाने से, दुष्ट लोगों से रिश्ता रखने से और हमेशा अकारण दुखी रहने वाले लोगों के साथ रहने से बुद्धिमान व्यक्ति भी परेशान और कमजोर हो सकता है।

1. मूर्ख व्यक्ति को समझाने में समय बर्बाद न करें

हम अक्सर सोचते हैं कि अगर सामने वाला व्यक्ति हमारी बात समझ नहीं रहा है, तो हमें उसे और अच्छी तरह समझाना चाहिए, लेकिन हर व्यक्ति सीखना चाहता हो, यह जरूरी नहीं है।

जो व्यक्ति अपनी गलती स्वीकार ही नहीं करना चाहता, जो व्यक्ति मूर्ख है, उसे बार-बार समझाने में हमें हमारी ऊर्जा खर्च नहीं करनी चाहिए। इसका मतलब यह नहीं कि किसी को ज्ञान ही न दें, हमें उन लोगों को समझाने की कोशिश करनी चाहिए, जो अच्छी बातें समझना चाहते हैं और हमारा सम्मान करते हैं।

2. बुरे व्यक्ति के साथ रहने से बचें

इस नीति में दुष्ट यानी बुरे लोगों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बुरा व्यक्ति यानी ऐसा व्यक्ति जो लगातार झूठ बोलता है, धोखा देता है, अपने स्वार्थ के लिए दूसरों का इस्तेमाल करता है, जानबूझकर रिश्तों में तनाव पैदा करता है, किसी भी तरह का अधार्मिक काम करता है। ऐसे लोगों के साथ रहने से हमारी बुद्धि भी दूषित हो सकती है। ये लोग किसी का भी जीवन बर्बाद कर सकते हैं। ऐसे लोग कभी भी हमें धोखा दे सकते हैं। इसलिए बुरे लोगों से दूर रहना चाहिए।

3. अकारण हमेशा दुखी रहने वाले लोगों की संगत में न रहें

दुखी व्यक्ति का साथ देना चाहिए, लेकिन जो लोग अकारण ही हमेशा दुखी रहते हैं, हर जगह नकारात्मकता देखते हैं, अच्छाई में भी बुराई खोजते हैं, ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए। बार-बार शिकायत करने वाले और निराशा का वातावरण बनाने वाले लोग हमारे मन को भी नकारात्मक बना सकते हैं। इसलिए ऐसे लोगों से बचना चाहिए।

चाणक्य की यह नीति हमें दूसरों को बदलने से ज्यादा अपने चुनावों को बेहतर बनाने की सीख देती है। अच्छी संगति हमें आगे बढ़ा सकती है और गलत संगत हमारी ऊर्जा को खत्म कर सकती है।

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों से चंद्रगुप्त को बनाया था सम्राट

आचार्य चाणक्य का जन्म करीब 375 ईसा पूर्व माना जाता है। वे कुशल राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री, शिक्षक और कूटनीतिज्ञ थे। उन्हें कौटिल्य और विष्णु गुप्त के नाम से भी जाना जाता है। चाणक्य ने चंद्रगुप्त को अपनी नीतियों के बल पर सम्राट बना दिया था। उन्होंने कौटिल्य का अर्थशास्त्र और चाणक्य नीति जैसे ग्रंथों की रचना की थी।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *