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गेट पास नहीं कटने पर पूर्व सरपंच आमरण अनशन पर:कुरुक्षेत्र मार्केट कमेटी पर बिछाई दरी, 10 दिन से धान मंडी में, तीन दिन से काट रहे थे चक्कर




कुरुक्षेत्र की थानेसर अनाज मंडी में धान खरीद शुरू होते ही पोर्टल वेरिफिकेशन बड़ी परेशानी बन गया। गेट पास नहीं कटने से अब किसान विरोध पर उतर रहे हैं। आज बुधवार को पूर्व सांसद गुरदयाल सैनी के बेटे ने मोर्चा खोल दिया। कैंथला खुर्द गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह पोर्टल पर वेरिफिकेशन नहीं होने के विरोध में मार्केट कमेटी थानेसर के दफ्तर के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए। शहीद भगत सिंह किसान यूनियन उनकी समर्थन में आ गई है। उनका साथ देने के लिए यूनियन की ओर से अपने साथियों को कार्यालय पहुंचने की कॉल दी है। उनके साथी इकट्‌ठा भी होने लगे हैं। कल मंगलवार भी पोर्टल पर वेरिफिकेशन नहीं होने से नाराज किसान ने आग लगाकर सुसाइड करने की धमकी दी थी। 10 दिन पहले पहुंच चुकी धान पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी 10 एकड़ धान की फसल पिछले करीब 10 दिन से मंडी में पहुंची हुई है। वे 25-26 सितंबर से गेट पास कटवाने के लिए मंडी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पोर्टल पर फसल का वेरिफिकेशन नहीं दिखने के कारण गेट पास नहीं कट पा रहा। चक्कर काटकर हुए परेशान कई बार अधिकारियों से बात करने के बाद भी उनकी समस्या का हल नहीं हुआ। इस समस्या के समाधान के लगातार तीन दिन से मार्केट कमेटी दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। अल्टीमेटम देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अब आमरण अनशन शुरू कर दिया। कल किसान ने कमरे पर जड़ा था ताला थानेसर मंडी में वेरिफिकेशन की समस्या का यह पहला मामला नहीं है। एक दिन पहले मंगलवार को बारवा गांव के किसान गुरचरण सिंह ने भी गेट पास नहीं कटने पर गेट पास बनाने वाले कमरे पर ताला जड़ दिया था। गुरचरण सिंह करीब 6 एकड़ धान लेकर मंडी पहुंचा था। वहां उसे बताया गया कि पोर्टल पर उसकी फसल की रजिस्ट्रेशन दिखाई नहीं दे रही है। इससे गुस्साए किसान ने करीब एक घंटे तक कमरे पर ताला लगाए रखा। मौके पर पहुंचे मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने उसे समझाया और गेट पास कटवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसने ताला खोल दिया था। माचिस निकालकर बोला था- यहीं आग लगा लूंगा गुरचरण सिंह ने अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जताते हुए जेब से माचिस निकाल ली थी। उसने कहा था कि अगर उसका गेट पास नहीं काटा गया तो वह यहीं आग लगा लेगा। वह सुबह धान लेकर मंडी पहुंच गया था, लेकिन सिस्टम और वेरिफिकेशन के कारण उसे इधर-उधर भेजा जा रहा है। यूनियन ने भी उठाया पोर्टल का मुद्दा शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के महासचिव दिलबाग सिंह ने कहा कि परेशानी सिर्फ एक किसान की नहीं है। कई किसानों को पोर्टल पर फसल के वेरिफिकेशन में दिक्कत आ रही है। सिर्फ 20 प्रतिशत किसानों का ही वेरिफिकेशन पोर्टल पर दिखाई दे रहा था। बाकी किसान गेट पास कटवाने के लिए परेशान हो रहे हैं।



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