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कोटपूतली के सरकारी कॉलेज में 'लोक मंथन यात्रा':कलाकारों ने नहड़े और धमाल की प्रस्तुति दी, मूर्ति कला और इतिहास से भी करवाया रूबरू




कोटपूतली के पाना देवी कन्या महाविद्यालय में लोक मंथन यात्रा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र की लोक संस्कृति, कला, साहित्य और इतिहास की विविध झलकियां देखने को मिलीं। आयोजन का उद्देश्य स्थानीय लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। नहड़े और धमाल की प्रस्तुति ने बांधा समां लोक मंथन यात्रा के संयोजक डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने कार्यक्रम की रूपरेखा और यात्रा के उद्देश्य की जानकारी दी। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आर.पी. गुर्जर ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में नहड़े गायक इंद्राज महाशी और रामस्वरूप सेठ की टीम ने नहड़े और धमाल की प्रस्तुति दी। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने क्षेत्र की पारंपरिक लोक संस्कृति को जीवंत किया। संतोषनाथ और शंकरनाथ ने कालबेलिया लोककला का प्रदर्शन किया। वहीं विद्या भारती की बालिकाओं ने लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में साहित्य परिषद की ओर से लोक साहित्य और कविताओं का पाठ किया गया। इसके माध्यम से स्थानीय साहित्यिक परंपराओं और लोक अभिव्यक्तियों को सामने रखा गया। प्रो. मुरारी लाल शर्मा ने कोटपूतली के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी। मूर्तिकार शिवसहाय मौर्य ने भैंसलाना की मूर्ति कला की प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में स्थानीय कला और शिल्प परंपरा की झलक देखने को मिली। लोक कला और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने पर जोर लोक मंथन यात्रा के माध्यम से कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र की लोक परंपराओं, कला, साहित्य और इतिहास को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। आयोजन में विभिन्न विधाओं के कलाकारों और साहित्यकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। महाविद्यालय की छात्राओं के लिए यह कार्यक्रम क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर रहा। कई कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर जसवंत खत्री, उनकी पत्नी मीनू खत्री और एलबीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आर.के. सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान लोक मंथन यात्रा के संयोजक एवं राजस्थान क्षेत्र सह-संयोजक प्रज्ञाप्रवाह डॉ. सत्यनारायण कुमावत, प्रांत टोली सदस्य ग्राम विकास रामचरण, प्रांत सह-संयोजक ग्राम विकास मोतीलाल, संस्कृत भारती के प्रांत विद्यालय कार्य प्रमुख डॉ. रमाकांत, प्रांत सदस्य वृद्धिचंद्र, भारतीय किसान संघ के प्रांत संगठन मंत्री नीरज, व्याख्याता श्रीनारायण, लोक मंथन यात्रा रथ प्रबंधन से जुड़े महेन्द्र, बस चालक देवी सिंह, पूर्व सैनिक रूपचंद, प्रांत बौद्धिक शिक्षण प्रमुख सुरेश कुंतल, भिवाड़ी जिला संघचालक विपिन चौधरी, प्रांत ग्राम विकास संयोजक सतीश कुमार, प्रांत टोली सदस्य अविनाश, विभाग प्रचारक अक्षय, विभाग कार्यवाह महेश तथा प्रचारक एवं ग्राम विकास विभाग संयोजक, भरतपुर हरिशंकर सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. जगराम गुर्जर ने मंच संचालन के साथ कार्यक्रम के समग्र प्रबंधन और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। लोक मंथन यात्रा में प्रस्तुत लोकगीत, नृत्य, साहित्य, इतिहास और मूर्तिकला ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक विविधता से भर दिया।



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