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रोहतक में पूर्व पार्षद के पति द्वारा सुसाइड का मामला:पिता बोले, 32 करोड़ के चेक हो चुके बाउंस, आरोपियों ने दी थी धमकी




रोहतक में अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस भवन के बाहर स्कोर्पियो गाड़ी में पूर्व पार्षद दीपिका नारा के पति प्रदीप नारा ने लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। वहीं, परिजनों ने इसे सुसाइड नहीं बल्कि हत्या बताया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक के पिता देवेंद्र नारा ने बताया कि हमारे परिवार को पहले ही चैलेंज दे रखा है। उसे भी मारेंगे और पोता-पोती को भी मारेंगे। मारने वाले बाहर के नहीं है, बल्कि परिवार के लोग ही है। परिवार के लोगों के डर से मध्य प्रदेश में भी काम छोड़कर पिछले साल आ गए थे। करीब 32 करोड़ के चेक हो रखे बाउंस
देवेंद्र नारा ने बताया कि मध्य प्रदेश में 1989 से ठेकेदारी का काम करते है। उनके काका-ताऊ के लोगों ने उसे चैलेंज दे रखा था। करीब 32 करोड़ रुपए के चेक बाउंस हो रखे है। जिसमें 17 करोड़ 70 लाख रुपए प्रदीप नारा की कंपनी पीके कंस्ट्रेक्शन व 14 करोड़ 38 लाख रुपए के उसके चेक बाउंस हो गए थे। 10 दिन पहले भी घर आकर दी धमकी
देवेंद्र नारा ने बताया कि आरोपियों ने 10 दिन पहले भी घर आकर धमकी दी थी। चैलेंज देकर गए थे कि उनके परिवार के किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ेंगे। आरोपियों के डर से मध्य प्रदेश से काम छोड़कर आ गए थे। सारी मशीन व प्लाट भी आरोपियों ने कब्जा रखे है। होटल से उठाकर जंगल में मारने ले गए थे
देवेंद्र नारा ने बताया कि आरोपियों ने मध्य प्रदेश में 17 दिसंबर 2025 उन्हें होटल से उठाकर जंगल में ले जाकर मारने का प्रयास किया था, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर भागने में कामयाब हो गए थे। आरोपी लगातार उन्हें धमकी दे रहे थे और अब उसके बेटे की हत्या हो गई। वकील को देने आए थे फाइल
देवेंद्र नारा ने बताया कि चेक बाउंस होने की फाइल वकील राकेश सपड़ा को देने आया था। देवेंद्र नारा ने धमकी देने वालों में गांव मदाना खुर्द से महिपाल व रोहित का नाम लिया, जबकि गांव पलड़ी हाल समालखा से महावीर का नाम लिया है। देवेंद्र नारा ने बाकी परिवार की जान को भी खतरा बताया है। 2019 में पार्षद बनी थी पत्नी
देवेंद्र नारा का परिवार कांग्रेसी रहा है, लेकिन 2019 में निर्दलीय के तौर पर वार्ड-18 से पुत्रवधु दीपिका नारा ने पार्षद का चुनाव लड़ा और जीतकर पार्षद बनी। पार्षद बनने के बाद कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई। तभी से परिवार भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहा है। एडवोकेट था प्रदीप नारा, ठेकेदारी का करता था काम
मृतक प्रदीप नारा एडवोकेट था, जो जिला बार एसोसिएशन का सदस्य भी था। लेकिन वकालत करने की बजाय वह ठेकेदारी का काम करता था और पीके कंस्ट्रैक्शन के नाम से उसकी कंपनी भी थी। प्रदीप व उसके पिता देवेंद्र के पास मध्य प्रदेश के कांट्रेक्ट थे। कनपटी से सटाकर गोली मारी हुई
आर्य नगर थाना एसएचओ सुशील ने बताया कि प्राथमिक जांच में सुसाइड का मामला लग रहा है। लाइसेंसी पिस्तौल से कनपटी से सटाकर गोली चला रखी है। मृतक का नाम प्रदीप नारा है, जो ठेकेदारी का काम करता है। मृतक के परिजनों की तरफ से जो भी शिकायत दी जाएगी, उसी के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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