9 मिनट पहले
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2023 वनडे वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ श्रीलंका के एंजलो मैथ्यूज को देर से क्रीज आने पर टाइम आउट दे दिया गया था।
ICC ने गुरुवार को नए क्रिकेट नियम जारी किए हैं। अब बैटिंग के दौरान समय बर्बाद करने पर तीसरी और हर अगली गलती पर फील्डिंग टीम को 5 पेनल्टी रन मिलेंगे। इसके अलावा पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट की गेंद के साइज और वजन की अलग-अलग सीमा तय की गई है।
सभी नए नियम 1 अक्टूबर 2026 या उसके बाद शुरू होने वाली इंटरनेशनल सीरीज पर लागू होंगे। पहले से चल रही सीरीज पुराने नियमों के मुताबिक ही खेली जाएंगी।
1. टेस्ट में पिंक बॉल से ट्रायल होगा
दिन के समय टेस्ट मैच में पिंक बॉल के इस्तेमाल की ट्रायल की जा सकेगी। इसका मकसद खराब रोशनी के कारण खेल रुकने से होने वाले समय के नुकसान को कम करना है।
पिंक बॉल से खेलने के लिए दोनों टीमों की टेस्ट शुरू होने से पहले सहमति जरूरी होगी। एक बार फैसला हो जाने के बाद पूरे मैच में उसी गेंद का इस्तेमाल होगा। मैच शुरू होने के बाद रेड से पिंक बॉल पर स्विच नहीं किया जा सकेगा।

इंटरनेशनल टेस्ट मैचों में पहली बार 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच डे-नाइट टेस्ट में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया गया था।
2. महिला और जूनियर क्रिकेट में अब अलग साइज की गेंद
अब पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए गेंद के साइज और वजन की अलग-अलग सीमा तय होगी। पुरुषों की गेंद का वजन 155.9 से 163 ग्राम और साइज 22.4 से 22.9 सेमी रहेगा। महिलाओं की गेंद का वजन 140 से 151 ग्राम और साइज 21 से 22.5 सेमी होगा। वहीं अंडर-13 क्रिकेट की गेंद का वजन 133 से 144 ग्राम और साइज 20.5 से 22 सेमी रहेगा।
3. मिसफील्ड अब हर बार ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा
ICC ने ओवरथ्रो की परिभाषा को भी स्पष्ट किया है। स्टंप पर गेंद पहुंचाकर रन रोकने या रन आउट करने की कोशिश को ओवरथ्रो माना जाएगा। वहीं गेंद को रोकने या दूसरे फील्डर तक पहुंचाने की कोशिश में हुई साधारण मिसफील्ड ओवरथ्रो नहीं होगी।
4. गेंद हाथ में होना जरूरी नहीं, अंपायर तय करेंगे कब ‘सेटल्ड’ हुई
अब गेंद को ‘फाइनली सेटल्ड’ मानने के लिए उसका गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा। अंपायर के पास यह तय करने की ज्यादा गुंजाइश होगी कि गेंद कब पूरी तरह से सेटल हुई। यह बदलाव खासकर मैच की आखिरी गेंद जैसे करीबी मौकों पर अहम रहेगा।
5. गेंद छूना काफी नहीं, स्टंपिंग-रन आउट के लिए पूरा कंट्रोल जरूरी
रन आउट या स्टंपिंग के समय फील्डर के पास गेंद का पूरा कंट्रोल होना जरूरी होगा। सिर्फ गेंद को हाथ से छूते हुए स्टंप गिराने पर फील्डर के पास गेंद का कब्जा नहीं माना जाएगा।
6. आखिरी ओवर में विकेट गिरने से दिन का खेल खत्म नहीं होगा
अब दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल अपने आप खत्म नहीं होगा। अगर ओवर पूरा नहीं हुआ है और मौसम व परिस्थितियां खेलने के अनुकूल हैं, तो बची हुई गेंदें उसी दिन कराई जाएंगी। ICC के मुताबिक, इन गेंदों को अगले दिन कराने से समय की बचत नहीं होती। नए नियम से फील्डिंग टीम को फायदा मिलेगा और मैच में रोमांच भी बना रहेगा।

टेस्ट में पहले दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर मैच को रोक दिया जाता था।
7. टी-20 में इंटरवल 15 मिनट का होगा
टी-20 इंटरनेशनल में अब 15 मिनट का तय इंटरवल होगा। हालांकि, मैच में समय का नुकसान होने पर इसे घटाकर न्यूनतम 10 मिनट किया जा सकता है।
8. ड्रिंक्स ब्रेक में हेड कोच मैदान पर आ सकेंगे
वनडे और टी-20 में अब हेड कोच ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर आ सकेंगे। महिला क्रिकेट में यह व्यवस्था पहले से लागू थी।

वनडे में अभी सिर्फ सब्सिट्यूट खिलाड़ी ही ड्रिंक्स ब्रेक्स के दौरान मैदान पर जा पाते हैं।
9. लेग साइड वाइड का ट्रायल अब स्थायी नियम
वनडे और टी-20 में लेग साइड वाइड का ट्रायल अब स्थायी नियम बन गया है। इसका मकसद उन मौकों पर गेंदबाज को कुछ गुंजाइश देना है, जब बैटर डिलीवरी से पहले या उसके दौरान अपनी पोजिशन बदलता है।
वाइड तय करते समय डिलीवरी के वक्त बैटर के पैरों की स्थिति को आधार माना जाएगा, भले ही वह बाद में ऑफ साइड की ओर मूव करे।
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