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शिमला जिले के रामपुर की पोक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी पिता राम बहादुर (48) को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला 30 सितंबर 2026 को सुनाया गया। मामले की जानकारी के अनुसार, पीड़ित बालिका अपनी मां के साथ नेपाल से रिकांगपिओ में इलाज कराने आई थी। बेटी के दिल में छेद था, जिसका इलाज किया जाना था। लेकिन इस वारदात ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया। इलाज कराने आई थी पीड़िता, पानी भरने के दौरान किया दुष्कर्म घटना 6 नवंबर 2024 की है, जब पीड़िता की मां काम पर गई हुई थी। इसी दौरान नाबालिग बच्ची पानी भरने के लिए बाहर निकली। आरोपी पिता राम बहादुर उसे जबरन अपने कमरे में खींच ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। मां को फोन कर बताई आपबीती वारदात के बाद पीड़िता ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी के ही मोबाइल फोन से अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मां ने तुरंत वहां रह रहे नेपाली व्यक्ति को मौके पर भेजा। जब व्यक्ति ने कमरे के बाहर से बच्ची के रोने की आवाज सुनी, तो दरवाजा खुलवाया और घटना का खुलासा हुआ। इसके बाद रिकांगपिओ थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने त्वरित जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया। उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि वह दो तीन साल से बेटी का शारीरिक शोषण कर रहा था। पोक्सो कोर्ट ने एक अन्य सनसनीखेज मामले में भी फैसला सुनाते हुए अपनी ही सगी बेटी का शारीरिक शोषण करने वाले दोषी पिता को 20 साल की जेल और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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नाबालिग से दुष्कर्म मे पिता को 20 साल कैद:दिल में छेद के इलाज के लिए आई थी, रामपुर पोक्सो कोर्ट ने 5 हजार का जुर्माना भी लगाया
