Headlines

ग्राम पंचायतों को कॉलोनी निर्माण नियमों के दायरे में लाएं:पंचायत मंत्री पटेल ने कहा- ग्राम सभी की गैर जरूरी समितियों को एक्ट से करेंगे विलोपित




पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनियंत्रित बसाहट और बिना मूलभूत सुविधाओं के कटने वाली अवैध कॉलोनियों पर सख्त नियंत्रण के लिए सभी ग्राम पंचायतों को कॉलोनी निर्माण नियमों के दायरे में लाने के लिए प्रावधान करें। मंत्री पटेल ने प्रशासनिक जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीधा लाभ ग्रामीण अंचल के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। मंत्री पटेल ने कहा कि ग्राम सभा को नीतिगत व जनसहभागिता की सशक्त संस्था बनाते हुए स्वच्छता, पेयजल, सड़क और अधोसंरचना निर्माण जैसे सभी कार्यकारी दायित्व सौंपने का निर्णय लिया गया है। साथ ही ग्राम सभा की अप्रासंगिक हो चुकी पुरानी समितियों के प्रावधानों को विलोपित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। बैठक में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 में समय की आवश्यकता के अनुसार प्रस्तावित संशोधनों के प्रारूप पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। ग्राम सभा के अतिरिक्त सम्मेलन बुलाने की जिम्मेदारी सरपंच को देंगे मंत्री पटेल ने समीक्षा बैठक में 73वें संविधान संशोधन की मूल भावना के अनुरूप ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों के अधिकारों व कृत्यों के युक्तियुक्तकरण पर बल दिया। इसके अंतर्गत ग्राम सभा के अतिरिक्त सम्मेलन बुलाने की जिम्मेदारी सरपंच को देने तथा कोरम के अभाव में दो बार बैठक स्थगित होने पर तीसरी बैठक में विकास कार्यों के एजेंडे पर नियमानुसार विचार करने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। पेसा (अनुसूचित) क्षेत्रों में ग्राम सभाओं में महिलाओं की कम से कम एक-तिहाई भागीदारी और भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास जैसे गंभीर विषयों पर 50 प्रतिशत गणपूर्ति अनिवार्य की जाएगी। पदाधिकारी के वित्तीय अधिकार छीनेंगे मंत्री पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनियंत्रित बसाहट और बिना मूलभूत सुविधाओं के कटने वाली अवैध कॉलोनियों पर सख्त नियंत्रण के लिए सभी ग्राम पंचायतों को कॉलोनी निर्माण नियमों के दायरे में लाने के लिए प्रावधान करें। मंत्री पटेल ने प्रशासनिक जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए। मंत्री पटेल को बताया गया कि गंभीर वित्तीय अनियमितता के मामलों में जांच के दौरान संबंधित पदाधिकारी के वित्तीय अधिकार तुरंत प्रभाव से स्थगित किए जा सकेंगे। अभिलेख न सौंपने, शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग अथवा नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की दरों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सख्त किया गया है। प्रस्तावित संशोधनों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के नए प्रावधानों को भी समाहित किया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *